गाजीपुर। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षामित्रों की बीएलओ के रूप में ड्यूटी लगाई गई है। शनिवार को बीएलओ को प्रशिक्षण देने के बाद सोमवार से मतदाता पुनरीक्षण का कार्य आरंभ होगा। शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाए जाने से ज्यादातर स्कूलों में पढ़ाई चौपट हो सकती है। आलम यह है कि आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षक-छात्रों का अनुपात सही होने के बाद भी शिक्षामित्रों के बीएलओ ड्यूटी में लगाए जाने से एक शिक्षक पर 30 छात्रों का मानक फेल होता नजर आ रहा है।
लोक सभा चुनाव को लेकर शिक्षामित्रों की ड्यूटी मतदाता सूची के पुनरीक्षण में लगाई गई है। बीएलओ की ड्यूटी से शिक्षामित्रों की त्योरी चढ़ गई है। बीएलओ ड्यूटी से नाम कटाने और शिक्षण कार्य छोड़कर अन्य कार्य न करने की शिक्षामित्रों ने पूर्व में चेतावनी दी थी। बावजूद उनकी ड्यूटी लगाई गई है। लोकसभा की मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य सोमवार से शुरू होगा। शनिवार को इसके लिए बीएलओ को प्रशिक्षण दिया गया। नयी सूची बनाने तथा पुनरीक्षण के कार्य में करीब 2986 बीएलओ की सेवाएं ली जा रही है। बीएलओ ड्यूटी में शिक्षामित्र के अलावा शिक्षा प्रेरक, सहायक अध्यापक तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं।