जमानिया (गाजीपुर)। मोहम्मदपुर गांव के मुख्य मार्ग की नारकीय स्थिति को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों की गुस्सा फूट पड़ा। वह सड़क पर फैले कीचड़-पानी में धान की रोपाई कर विरोध जताया। उपजिलाधिकारी को पत्रक सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में सड़क की दशा नहीं सुधरती है, तो ग्रामीण आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। करीब एक घंटे तक ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी के बीच महिलाएं और पुरुषों ने धान की रोपाई की।
इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान अनिल यादव ने कहा कि ग्राम प्रधान द्वारा राजनैतिक द्वेषवश मुख्य मार्ग पर राबिश अथवा ईंट की टुकड़ी के बजाय बारिश के मौसम में खेत की मिट्टी डलवा दी गई। इसकी वजह से मार्ग पानी और कीचड़ से सन गया है। इससे आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साइकिल और बाइक से कौन कहे, पैदल आवागमन करना भी परेशानियों भरा साबित हो रहा है। बड़े लोग तो किसी तरह से कीचड़-पानी के बीच से निकल जा रहे हैं, लेकिन स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मार्ग की खराब दशा की वजह से कई बच्चे स्कूल भी जाने से कतरा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कहा कि इस महत्वपूर्ण मार्ग से दरौली रेलवे स्टेशन सहित दो परिषदीय विद्यालय, तहसील मुख्यालय लोगों का आना-जाना होता है। यह गांव का मुख्य मार्ग है। जिस पर ग्राम प्रधान की लापरवाही की वजह से आवागमन करने वालों को कष्ट झेलना पड़ रहा है। विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्व ग्राम प्रधान के नेतृत्व में लोगों ने उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश मिश्र से मिलकर पत्रक सौंपा। चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर समस्या को दूर नही की जाती है तो ग्रामीण स्थानीय विकास खंड परिसर में आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे। उपजिलाधिकारी ने मामला की गंभीर देखते हुए बीडीओ जमानिया को तत्काल जांच कर मार्ग को दुरुस्त कराने का आदेश दिया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में बदरे आलम, रामधनी कुशवाहा, शाहिद खां, सरवर अली, मंझारी देवी, तारा देवी, विमला देवी आदि थीं।