गाजीपुर। जिले के 2266 परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक पंजीकृत करीब 1.50 लाख बच्चों के बैठने के लिए लगभग 49,804 डेस्क-बेंच की जरूरत है। हालांकि तमाम कवायदों और कायाकल्प योजना के तहत अब तक करीब 14 करोड़ रुपये से सिर्फ 23,092 डेस्क-बेंच की व्यवस्था हो सकी है। इससे करीब 70 हजार बच्चों को तो डेस्क-बेंच मिल गया, लेकिन अब भी 26,712 डेस्क-बेंच की कमी के कारण करीब 80 हजार बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
कहीं एक भी बेंच नहीं, कहीं 250 बच्चों पर सिर्फ 15
सूतीहार में 38 बच्चे जमीन पर
शिक्षा क्षेत्र कासिमाबाद स्थित कंपोजिट विद्यालय सूतीहार में पढ़ने वाले करीब 38 बच्चे बेंच के अभाव में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक विजयशंकर सिंह ने बताया कि कक्षा एक से पांच तक के लिए एक भी बेंच नहीं है।
वरहपार-नसरतपुर में 250 बच्चे, 15 डेस्क-बेंच
सादात शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय वरहपार, नसरतपुर में करीब 250 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन यहां केवल 15 डेस्क-बेंच हैं। प्रधानाध्यापक पंकज यादव ने बताया कि शेष बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं।
शेखपुर में 5 कमरे, 3 में टाट-पट्टी
शिक्षा क्षेत्र बिरनो के उच्च प्राथमिक विद्यालय शेखपुर में करीब 100 छात्र पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापिका सुनीता सिंह यादव के अनुसार विद्यालय में पांच कक्ष हैं, जिनमें केवल दो कक्षों में फर्नीचर उपलब्ध है, जबकि तीन कक्षों के बच्चे जमीन पर बैठते हैं।
मानपुर में तीन कमरों में फर्नीचर नहीं
कंपोजिट विद्यालय मानपुर की प्रधानाध्यापिका सोनी गुप्ता ने बताया कि स्कूल में करीब 98 बच्चे पंजीकृत हैं। दो कमरों में डेस्क-बेंच हैं, जबकि तीन कमरों में पढ़ने वाले बच्चे टाट-पट्टी पर बैठते हैं। इसके लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है।
जर्जर भवन दे रहे हादसे को दावत
कंपोजिट विद्यालय औडिहार के परिसर में जर्जर भवन को ध्वस्त नहीं करने से हादसे का खतरा बना है। विद्यालय में करीब 156 बच्चे पंजीकृत हैं, जो छुट्टी के समय परित्यक्त भवनों में जाकर खेलते हैं। बीते वर्ष बारिश के दिनों में एक बार छत का प्लास्टर भी गिर चुरा है। खंड शिक्षा अधिकारी उदय चंद राय ने बताया कि सैदपुर क्षेत्र में लगभग 46 जर्जर विद्यालय भवन चिह्नित किए गए हैं। उनकी नीलामी प्रक्रिया चल रही है और जो मरम्मत योग्य हैं, उनकी मरम्मत कराई जाएगी।
एक-दो कक्षा में फर्नीचर, बाकी जमीन पर
विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले के स्कूलों को फर्नीचर से संतृप्त करने के लिए विभाग ने एक तरीका अपनाया है। इसके तहत अधिकांश विद्यालयों में एक से दो कक्षाओं के लिए फर्नीचर उपलब्ध करा दिया गया, जबकि शेष कक्षाओं के बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
जिले के परिषदीय स्कूलों के लिए 23,092 फर्नीचर की आपूर्ति की गई है, जबकि 26,712 फर्नीचर की मांग शासन को भेजी गई है। सभी बच्चों के लिए बेंच की व्यवस्था की जा रही। - उपासना रानी वर्मा, बीएसए