कोतवाली क्षेत्र के मीरानपुर उर्फ मड़ियांवडीह गांव में मंगलवार की सुबह अगलगी की घटना में 12 परिवारों का सबकुछ जलकर नष्ट हो गया। साथ ही 27 बकरियों और दर्जनभर मुर्गियों की झुलसकर मौत हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। मीरानपुर गांव स्थित राजभर बस्ती में सुबह आठ बजे बिजली के तार से निकली चिंगारी से आग लग गई और देखते ही देखते उसने एक के बाद एक 12 लोगों की लगभग तीन दर्जन झोपड़ियों एवं पक्के मकान चपेट में ले लिए। सूचना देने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने करीब तीन घंटे तक गांव के लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। तब तक 12 लोगों के घर की सारी सामग्री जलकर राख हो चुकी थी। अगलगी में अजय राजभर, गुड़िया, छेदी राजभर, नथुनी राजभर, प्रेमचंद राजभर, शिवपरसन राजभर, हलचल राजभर, अमरदेव राजभर, मालती देवी, प्रदीप राजभर, रानी देबी, व लालचंद राजभर शामिल है। इन सभी का घर में रखा खाद्यान्न, भूसा, कपड़ा, गहना आदि पूरी तरह जलकर राख हो गया। शिवपरसन राजभर और हलचल राजभर की एक- एक भैंस के अलावा 27 बकरियां और 12 से अधिक मुर्गियां जल गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी भारत भार्गव, तहसीलदार विजय प्रताप सिंह ,क्षेत्रीय लेखपाल, कोतवाल धनानंद त्रिपाठी मौके पर पहुंले और नुकसान का आकलन कर सूची बनाई। अधिकारियों ने कहा कि अगलगी से खुले आसमान के नीचे आ गये परिवारों के खाने-पीने की व्यवस्था की जाागी। प्रशासन की तरफ से जो भी सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी, उपलब्ध कराई जाएंगी। कासिमाबाद: बरेसर थाना क्षेत्र के शाहबाजपुर रेंगा गांव में मंगलवार की दोपहर आग से तीन झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गई। हादसे में 42 बकरियों की झुलस मौत हो गई। वहीं एक भैंस और उसकी पड़िया झुलसने से गंभीर रूप से घायल हो गई। शाहबाजपुर रेंगा गांव निवासी नखरू राम की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। अगलगीकी घटना में झोपड़ी में बंधी 18 बकरियां और बकरियों के छह बच्चे झूलसने मौत हो गई। इस झोपड़ी में दो साइकिल और खाने पीने का सामान भी जल गया है। इसी प्रकार धर्मराज राम की झोपड़ी में लगी आग से तीन साइकिल और 24 बकरियों और बकरियों के चार बच्चों की झुलसकर मौत हो गई। एक भैंस और पड़ीया झुलस गई। तीसरी झोपड़ी कुबेर राम की जल गई। इसमें कोई जनहानि नहीं हुई है। प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों झोपड़ियों में जो भी बकरियां मरी हैं उनका पीएम कराया जा रहा है।