गाजीपुर। ईस्टर संडे का पर्व मसीही समुदाय के लोगों ने रविवार को परंपरागत तरीके से मनाया। इस अवसर पर भोर में नगर के तुलसी सागर मुहल्ला स्थित चर्च से कैंडिल मार्च निकाला गया। मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए पुन: चर्च कंपाउंड में पहुंचा। इसके बाद फादर अभय सोंस ने प्रभु यीशु के जीवित होने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आधी रात के बाद ही मसीही समुदाय के लोगों के घरों में चहल-पहल शुरू हो गई थी। समुदाय के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और युवतियां भोर में तीन बजे के बाद चर्च की तरफ पहुंचने लगे। चार बजते-बजते दर्जनों की संख्या में समुदाय के लोग चर्च पर एकत्र हो गए। इसके बाद कतारबद्ध होकर हाथों में कैंडिल जलाकर मार्च निकाला। चर्च कंपाउंड से निकला मार्च चुंगी, लंका आदि मार्गों से होते हुए पुन: चर्च कंपाउंड में पहुंचा। इसके बाद चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में फादर अभय सोंस ने प्रभु यीशु के जीवित होने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज से दो हजार वर्ष से यह पर्व मनाया जा रहा है। आज ही के दिन तीसरे दिन प्रभु यीशु जीवित हुए और स्वर्ग में विराजमान हैं। प्रभु यीशु ने अनेक सेवा के कार्य किए। यहां तक कि हमारे पापों का बोझ अपने ऊपर ले लिया ताकि हमें पापों से मुक्ति मिले और वैसा ही हुआ। प्रभु यीशु के खून बहाए जाने से हमें जीवन मिला। आज हम विश्वासियों को पश्चाताप की आवश्यकता है। उनकी शिक्षा सारे संसार के लिए है। प्रभु यीशु ने कहा था कि मैं तीसरे दिन जी उठूंगा और स्वर्ग में पिता के पास रहूंगा और वहां जाकर तुम्हारे लिए जगह तैयार करूंगा ताकि जहां मैं रहूं, वहां तुम भी रहो। प्रार्थना सभा समाप्त होने के बाद मसीही समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी। इस मौके पर समुदाय के दर्जनों लोग मौजूद थे।