जमानिया(गाजीपुर)। स्थानीय नगर के तहसील मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में सोमवार को राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के तत्वावधान में विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो रसोइयों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एनएच 97(24) को जाम कर दिया। बाद में तहसीलदार के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
इस मौके पर हुई धरना सभा में जिलाध्यक्ष शंभू राय ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। रसोइयों का पांच माह से मानदेय रुका हुआ है, जिसे जल्द से जल्द दिलाया जाए। हर वर्ष की चयन प्रक्रिया को समाप्त किया जाए और मानदेय बढ़ाया जाए। विद्यालय में रसोइयों को परेशान किया जा रहा हैं। चमेली सिंह ने कहा कि एमडीएम योजना को ठेकेदारीकरण से रोका जाए। रसोइयों का दुर्घटना बीमा सरकार द्वारा कराया जाए। रसोइया 12 माह विद्यालय में कार्य करती हैं, लेकिन मानदेय 12 माह का नहीं मिलता है। जब विद्यालय की छुट्टी होती है तो मानदेय नहीं दिया जाता। इस प्रक्रिया को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खाना बनाने के लिए गैस चूल्हा आधुनिक उपकरण एवं वर्तन आदि उपलब्ध कराया जाना चाहिए। लेकिन आज भी कई जगहों पर चूल्हे पर खाना बनाया जाता है। धरना के दौरान रसोइयों ने लोकगीत के माध्यम से भी अपनी बात रखी। तहसील अथवा जिला स्तर के अधिकारियों को सूचना के बाद भी जब कोई मौके पर मांग पत्र लेने नहीं पहुंचा तो रसोइयां उग्र हो गईं और एनएच 97(24) को दोपहर करीब तीन बजे जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस महिला आरक्षियों के अभाव में मूकदर्शक बनी रही। शाम करीब 5:15 बजे तहसीलदार जमानिया आलोक कुमार मौके पर पहुंचे और धरना दे रहे रसोइयों से मांग पत्र लेकर मांगों को उचित माध्यम से आला अधिकारी को भेजने की बात कही। इसके बाद धरना समाप्त हुआ। इस अवसर पर संजय सिंह, राम चंदर, रमाशंकर कुशवाहा, कलावती, धीरजा देवी, गीता देवी, बोलन देवी, मीनू देवी, मीना देवी, सरोज, कलावती, प्रमलतादेवी, महदेहिया, शकुंतला देवी आदि मौजूद रहीं। संचालन श्रीनारायण यादव ने किया।