सादात/शादियाबाद। सादात क्षेत्र के ग्राम टड़वा टप्पा के सामने नहर के टूटने से कई एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। दूसरी ओर पानी की तेज धारा गांव में घुस गई। इससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पानी लगने से मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। उधर गुरुवार की सुबह नहर टूटने की सूचना पर इलाके के दर्जनों किसान मौके पर पहुंच गए और मुख्य नहर की कुलावे को बंद कर टूटी नहर की पटरी को किसी तरह बांधा। इस कार्य में किसान पूरे दिन लगे रहे। नहर टूटने की सूचना विभागीय अधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल की शाखा पहाड़पुर-रायपुर नहर की पटरी सालों से मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुकी थी। काफी दिनों से नहर में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। देवकली पंप कैनाल से होते हुए सवास के रास्ते रायपुर- रसूलपुर तक यह नहर जाती है। नहर के टूटने से टड़वा टप्पा गांव के बाद पानी हरौली, सौरी, खुटवा, कठघरा, रानीपुर, रायपुर आदि गांवों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस वजह से इन गांवों के किसानों की फ़सल सूख रही है। ग्रामीणों का कहना है की हफ्तों से अधिक समय बीत चुका है। करीब 20 फीट तक नहर ग्राम टड़वा के पास टूटी है, लेकिन इस समस्या को लेकर प्रशासन तथा सिंचाई विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों की मानें तो उक्त नहर एक हफ्ते पहले रात में पानी अधिक होने के कारण टूट गई थी, जिसके कारण तड़वा के आसपास गांवों के किसानों के कई एकड़ फसल पानी में डूबी है। किसी तरह किसानों ने उसकी मरम्मत की थी। उसी स्थान पर नहर की पटरी गुरुवार को भी नहर में अत्यधिक पानी होने से पुन: टूट गई। ऐसे में नहर मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। लोगों को तीन किलोमीटर घूम कर आना पड़ रहा है। विद्यालय जाने वाले बच्चे भी परेशानी झेल रहे हैं। क्षेत्र के कटघरा गांव पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोनू सिंह ने नहर की टूटी पटरी अपने दर्जनों सहयोगियों के साथ बुधवार को नहर की टूटी पटरी बनाई तथा नहर की सफाई की। इस मौके पर छेदी पासवान जोगिन्दर सिंह, पप्पू सिंह, ओमप्रकाश सिंह, भारत सिंह, हवलदार यादव, रमेश यादव, लच्छन यादव, सागर यादव, मुन्ना राम आदि ने नहर को दुरुस्त किया।