गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की एक कार्यशाला का आयोजन टेरी स्थित सभागार में रविवार को किया गया। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर सिंह ने मुक्त शिक्षा की चुनौतियों और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह महज भ्रांति है कि मुक्त विश्वविद्यालय की डिग्री का महत्व पारंपरिक शिक्षा से प्राप्त डिग्री से कम है। मुक्त विश्वविद्यालय से प्राप्त डिग्री के आधार पर दुनिया में कहीं भी रोजगार पा सकते हैं।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे उत्तर प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालयों की स्थापना ने उच्च शिक्षा की सुविधा उन लोगों तक पहुंचाई है, जो ऐसे पेशे में लगे हुए हैं जिन्हें कॉलेज या विश्वविद्यालय में जाने और पढ़ने का समय नहीं है। दरअसल ज्ञान सबकी मूलभूत जरूरत है। इसके बिना जीवंत आधुनिक समाज का निर्माण संभव नहीं है। इस अवसर पर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ आरपीएस यादव, डॉ. सीके सिंह, बालेश्वर सिंह, समर बहादुर सिंह, बृजभान सिंह बघेल, अमितेश सिंह, शरद पाल, अनिल पांडेय, बालेश्वर विक्रम, बृजभान बघेल आदि उपस्थित थे।