गाजीपुर। रौजा विद्युत उपकेंद्र से संबंधित फीडरों की आपूर्ति सोमवार की रात सात से दस बजे तक बंद रही। इसकी वजह से दर्जनों मोहल्ले अंधेरे में डूबे रहे। बिजली के अभाव में भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्मी में उलझन के बीच बिजली विभाग को कोसते हुए लोग अब-तब बिजली आने का इंतजार करते रहे।
वैसे पिछले वर्ष गर्मी के मौसम की तुलना में इस वर्ष बिजली अच्छी मिल रही है, लेकिन बीच-बीच में फाल्ट और इमरजेंसी कटौती की वजह से घंटों बत्ती गुल होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ जा रही है। लोगों को पसीना पोंछते हुए बिजली का इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार की देर शाम करीब सात बजे रौजा विद्युत उपकेंद्र से संबंधित रौजा, टाउनहाल, स्टीमरघाट, गोलाघाट, चीतनाथ, अकलपुरा, शेखपुर, चंदनवाहा, जलनिगम, खोवा मंडी, इंद्रानगर कालोनी, रजदेपुर, टेड़वा, तुलसिया का पुल, तेलपुरवा सहित दर्जनों मोहल्ले की बत्ती गुल हो गई। इससे गर्मी की वजह से लोगों को परेशानी बढ़ गई है। गर्मी से परेशान लोग राहत के लिए घरों की छतों और बाहर निकल गए। लोगों ने सोचा की शायद कोई फाल्ट हुआ होगा और अब-तब बिजली आ जाएगी। जब काफी देर बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो जिनके पास अधिकारियों और विद्युत उपकेंद्र पर नंबर था, वह फोन मिला कर यह पता करने लगे कि आखिरकार बिजली क्यों कटी है और कब तक आएगी। उपकेंद्र का नंबर लगातार व्यस्त होने से अधिकांश लोगों की बात नहीं हो सकी, जिससे वे बिजली को लेकर उलझन में रहे। काफी देर तक बिजली गायब रहने से कई लोगों के इनवर्टर भी निर्धारित समय के बाद शो-पीस बन गए, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। रात में दस बजे बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इस संबंध में रौजा विद्युत उपकेंद्र के जेई जितेंद्र कुमार ने बताया कि सात से रात दस बजे तक तीन घंटे की कंट्रोल इमरजेंसी कटौती की गई थी।