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शिक्षकों ने डीआईओएस को बनाया बंधक

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गाजीपुर।
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राजकीय बालिका इंटर कालेज में मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर धरना दे रहे शिक्षकों का गुस्सा बुधवार को उस समय फूट पड़ा, जब अपराह्न तीन बजे वहां पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक मूल्यांकन कार्य शुरू करने का शिक्षकों पर दबाव बनाने लगे। नाराज शिक्षक नेता हो-हल्ला करते हुए डीआईओएस को बंधक बना लिया। मामले की जानकारी होते ही सदर एसडीएम मौके पर पहुंचे। शाम को शिक्षक डीएम कार्यालय पर पहुंचे। यहां पर हुई वार्ता विफल साबित हुई और शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार की पुन: हुंकार भरी। शाम छह बजे डीआईओएस को छोड़ दिया गया।
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मालूम हो कि विभिन्न मांगों और जिला विद्यालय निरीक्षक की कार्यप्रणाली से नाराज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सहित अन्य शिक्षक संघ के लोग जिले के सात मूल्याकन केंद्रों पर कार्य बहिष्कार कर पांच दिनों से धरनारत हैं। धरना को समाप्त कराने के लिए बुधवार को प्रशासन और शिक्षकों के बीच वार्ता होनी थी। इसी बीच अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्रदेव राजकीय बालिका इंटर कालेज में धरनारत शिक्षकों के पास पहुंचे और शिक्षकों से वार्ता शुरू कर दी। शिक्षक नेताओं का आरोप था कि डीआईओएस जबरदस्ती मूल्यांकन कार्य करने के लिए शिक्षकों पर दबाव बनाते हुए दुर्व्यवहार करने लगे। इससे शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डीआईओएस को बंधक बना लिया और नारेबाजी करने लगे। मामले की जानकारी होते ही एसडीएम द्वय विनय कुमार और विजयशंकर तिवारी मौके पर पहुंचे। शिक्षकों से वार्ता करते हुए शिक्षा अधिकारी को मुक्त करने की बात की, लेकिन शिक्षक अपनी जिद पर अड़े रहे। शिक्षक नेताओं का कहना था कि जब तक डीआईओएस को जिले से हटाया नहीं जाता, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अधिकारियों के समझाने पर भी बात नहीं बनी। शाम को वाराणसी मंडल के अध्यक्ष रामानुज सिंह समेत कई शिक्षक डीएम कार्यालय पर पहुंचे। यहां पर जिलाधिकारी से शिक्षकों की वार्ता हुई। शिक्षक नेता रामानुज सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने कहा कि डीआईओएस के खिलाफ शासन को लिखित शिकायत भेजी जाएगी। तब तक आप लोग मूल्यांकन कार्य करें लेकिन शिक्षकों ने मांगें पूरी होने तक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने की हुंकार भरी। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्रदेव ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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