सुहवल। स्थानीय गांव स्थित महावीर मंदिर के परिसर में मानस संघ सुहवल के 48 वर्ष पूरे होने पर समारोह का आयोजन किया गया। दूसरे दिन कथा वाचक त्रिभुवन दास महराज ने प्रवचन करते हुये कहा कि धरती पर मानव रूप में आने के लिए भगवान भी तरसते हैं। जीवन महान कर्मों, यत्नों व कठिन परिश्रम के जरिये तपस्या के फलस्वरूप प्राप्त हुआ। मानव धरती पर जन्म लेते ही मोह, माया, धन संपत्ति के भंवरजाल में फंस कर रह जाता है जिससे उसका कल्याण नहीं हो पाता।
उन्होंने कहा कि सत्कर्मों में निहित लोगों को ही मानस कथा का रसपान करने का सौभाग्य मिलता है। मानव को अपने सद्मार्ग से कतई नहीं भटकना चाहिए, जिसने भी रामचरितमानस का श्रवण कर लिया उसका जीवन धन्य हो जाता है। इसके श्रवण मात्र से ही मानव जीवन के सभी पाप कट जाते हैं। मरणोपरांत मानव को श्रीहरि का सानिध्य प्राप्त होता है। महज कथा श्रवण से लौकिक व आध्यात्मिक दोनों स्तर पर मानव जन्म श्रेयस्कर साबित होता है। कहा कि कथा श्रवण के साथ ही अगर कथा वाचन भी किया जाए तो इंसान परमांनद को प्राप्त होता है। इस कथा के माध्यम से मानव अपनी सांसारिक व काल्पनिक हर तरह की इच्छाओं की पूर्ति कर सकता है। इसके माध्यम से मानव परमात्मा से रूबरू हो सकता है। इस मौके पर श्याम नारायण पांडेय, रतन गुप्ता, मृत्युन्जय मिश्रा, भगवती प्रसाद तिवारी, पूर्व प्रमुख अनिल कुमार राय बच्चन, रेनू राय, रामजी उपाध्याय, लल्लन गुप्ता, अमित कुमार पाण्डेय, गिरजा पांडेय, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, छोटे लाल, अरुण मिश्रा, रामऔतार यादव एवं श्रवण राय आदि उपस्थित थे।