गाजीपुर। शिक्षा ग्रहण करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती है। जहां चाह वहां राह जैसी कहावत को चरितार्थ करती शहर की वृद्ध महिलाएं समर्पण संस्था की ओर से चलाई जा रही नई पहल कार्यक्रम के तहत ककहरा सीख रही है। इन महिलाओं को साक्षर बनाने का बीड़ा संस्था की संरक्षिका सविता सिंह ने उठाया है।
शहर के शास्त्रीनगर स्थित समर्पण संस्था की ओर से चार दिन पूर्व नई पहल योजना के तहत अनपढ़ बुजुर्ग महिलाओं को साक्षर बनाने का कार्यक्रम में शुरू किया गया। विधिवत इन महिलाओं को संस्था की ओर से कापी और किताब मुहैया कराया गया है। संस्था के परिसर में लगे टेबल और मेज पर इन महिलाओं द्वारा ककहरा का पाठ पढ़ा जा रहा है। वृद्ध महिलाओं के इस लगन को देख हर कोई के मुंह से एक बात निकल रही है कि जहां चाह वहा राह होती है। शिक्षा और ज्ञान की राह पर चलने में उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। यहीं संस्था की महिलाओं द्वारा इन वृद्ध महिलाओं का हौसला भी बढ़ाया जा रहा है। संस्था की इस नई पहल कार्यक्रम में साक्षर बन रही कई महिला काफी खुश दिखाई पड़ी। साक्षर बन रही महिलाओं का कहना है कि संस्था के द्वारा यह कार्य काफी सराहनीय है। इस मौके पर विनीता सिंह, मंजू सेठ, राजश्री सिंह, तारा पांडेय, शारदा सिंह, लालीमा सिंह, रिंकू पांडेय, नाजीया बेगम आदि मौजूद रही। संचालन संरक्षिका सविता सिंह ने किया।