सुहवल (गाजीपुर)। किसान क्रेडिट कार्ड बनाने में बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से उदासीन रवैया अपनाने के चलते किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यहीं नहीं सहज जन सेवा केंद्रों और लोक वाणी केंद्रों द्वारा जारी किए जा रहे खसरा खतौनी को भी बैंक के प्रबंधनों द्वारा लेने से इंकार कर दिया जा रहा है।
क्षेत्र के अंधारीपुर गांव निवासी नवीन कुमार, ढढ़नी निवासी यशोदा, रेवतीपुर निवासी विनय पांडेय, गोपालपुर निवासी सुशील कुमार राय, रमेश कुमार, मेदिनीपुर के दिग्विजय, हसनपुरा के दीनबंधु आदि ने बताया कि लोक वाणी और सहज जनसेवा केंद्र से निकलने वाली खतौनी एवं खसरा आदि कागजात लेकर जब किसान बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं तो कागजात देखते ही बैंक प्रबंधन लोक वाणी एवं सहज जन सेवा केंद्र द्वारा जारी खतौनी और खसरा को यह कहकर मानने से इंकार करते हैं कि यह मूल रूप से सही नहीं है। उनका कहना है कि तहसील से बने कागजात ही मान्य होंगे। इस संबंध में यूबीआई के एलडीएम मिथलेश कुमार ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए लोकवाणी एवं सहज जनसेवा केंद्र द्वारा जारी खसरा, खतौनी आदि अन्य कागजात पर जब तक संबंधित राजस्वकर्मी के द्वारा जब तक प्रमाणित नहीं होता है मान्य नहीं होगा। तहसील मुख्यालय से जारी प्रपत्रों को ही मान्य किया जाएगा।