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जलनिकासी को लेकर मचती है हायतौबा

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औड़िहार (गाजीपुर)। पैंतीस हजार की आबादी वाले नगर पंचायत सैदपुर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से नगर पंचायत के आधा दर्जन मुहल्ले के लोग बारिश के दिनों में नारकीय जीवन जीने को विवश होते हैं। इन मुहल्लों में जलनिकासी को लेकर प्राय: हर वर्ष हायतौबा मचती है। अच्छी बारिश होने पर मुहल्ले में जल-जमाव, कीचड़ एवं गंदगी के साथ गड्ढों और नालों का पानी घरों में घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
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नगर का पटेल नगर बारिश के दिनों में इस कदर प्रभावित होता है कि यहां जगह-जगह जलभराव का भय होने लगता है। इस वार्ड की चौहान बस्ती आदि कई बस्तियों का अधिकांश भाग झील के रुप में तब्दील हो जाता है। जलभराव के चलते चार महीने इस बस्ती का एक दूसरे से संपर्क भी भंग हो जाता है। घरों में पानी भरने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन जेनरेटर चलाकर पंप के माध्यम से पानी निकालने का कार्य करता है। अतिवृष्टि के चलते जलभराव से प्रभावित होने वाले अन्य मुहल्ले आजाद नगर की घोवही बस्ती, कहारटोली शामिल है। आश्चर्य तो यह है कि नगर पंचायत सैदपुर में 16वें राज्य वित्त आयोग के तहत करोड़ों रुपये की धनराशि सीवर निर्माण और जलनिकासी के लिए प्रदत्त किए गए लेकिन यहां जलनिकासी की समस्या दूर नहीं हो सकी। नगर पंचायत क्षेत्र में जहां भी सीवर निर्माण और जलनिकासी की नालियां बनाई गई हैं उसका समुचित क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। पटेल नगर के रामजी, दलसिंगार एवं आजाद नगर के अवनीश चौबे, हेमंत पांडेय एवं हमीद नगर के भूपेंद्र सिंह, अशफाक आदि ने बताया कि विभिन्न वार्डों में लाखों रुपये लगाकर जलनिकास की सीवर नाली बनाई गई लेकिन अधिकारियों की देखरेख के अभाव में बनाई गई नाली जलनिकास की सतह से काफी ऊपर और बेतरतीब ढ़ंग से बनी है। इससे एक बूंद भी पानी नहीं निकल पाता है। यहां बनाई गई नालियां शो-पीस बन कर जनता के लिए निरर्थक साबित हुई है। इस संदर्भ में अधिशासी अधिकारी संतोष मिश्र ने बताया कि जलनिकासी की समस्या मेरे सज्ञान में अवश्य है। अभी कुछ दिन पूर्व यहां कार्यभार ग्रहण किया है। आवश्यकता के अनुरूप कारगर कदम उठाकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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