गाजीपुर। वर्तमान परिवेश में कड़ी मेहनत, लगन और ईमानदारी के बल पर ही सफलता प्राप्त किया जा सकता है। सतत संघर्ष ही मूल मंत्र है। सफलता के लिए शार्टकट की तलाश करना अपने आप को ही धोखा देना है। उक्त बातें स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज में आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन में प्राचार्य रवीन्द्रनाथ राय ने कही।
श्री राय ने कहा कि छात्रों की सफलता ही हमारी खुशी है। सही मार्ग पर चल कर सफलतम जीवन यापन करें। डा. शिल्पी सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी चीज तब तक ही डर देती है जब तक उसकी पूरी तरह से जानकारी न हो जाय। आज किसी भी क्षेत्र में डरने की आवश्यकता नहीं है बल्कि उसे जानने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके बाद वक्ताओं के संबोधन का क्रम चलता रहा। छात्राओं ने सरस्वती वंदना तथा स्वागत गान प्रस्तुत किया। कुछ छात्रों ने विद्यालय के पाठन पाठन में आए बदलाव और अपने अनुभवों को साझा किया। वीरेन्द्र शर्मा ने कहा कि पढ़ाई के बाद नियोजन एक बड़ी चुनौती बन कर सामने आती है। अब पढ़ाई को गंभीरता से लेते हुए साथ ही साथ तकनीकी ज्ञान भी लेना चाहिए। अंकित श्रीवास्तव तथा उदय गुप्ता ने कहा कि पढ़ाई करते समय से ही लक्ष्य तय कर लेना चाहिए। जब मंजिल तय हो जाती हो तभी चलने में आनंद भी आता है। अजीत राय ने कहा कि पढ़ाई और राजनीति दोनों अलग अलग बातें हैं। इस मौके पर प्रियतोष साहू, मयंक, अरुण आदि ने विचार व्यक्त किया। इस मौके गायत्री सिंह, मधुसूदन सिंह, कृष्णानंद चतुर्वेदी, अवधेश पांडेय, नर नारायण राय, विभा राय, कंचन सिंह आदि मौजूद रहे। आयोजन सचिव डा. देवप्रकाश राय ने आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।