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बालिका संरक्षण गृह का एसडीएम व सीओ की जांच-पड़ताल

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औड़िहार(गाजीपुर)। मुजफ्फरपुर और देवरिया के बालिका संरक्षण गृह में हुए कुकृत्यों के बाद पूरे प्रदेश में हलचल मची हुई है। सोमवार को प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन में खलबली मची रही। डीएम के आदेश पर जिले के एकमात्र स्व. शिवपूजन बालिका संरक्षण गृह रस्ती पुरग्राम का सोमवार की देर शाम उपजिलाधिकारी शिशिर कुमार तथा क्षेत्राधिकारी केके सरोज, जिला प्रोवेशन अधिकारी अनिल सोनकर ने औचक निरीक्षण किया। एक-एक बालिका से अकेले में पूछताछ की गई। उनकी समस्याएं सुनीं और खामियां मिलने पर केंद्र प्रभारी को निर्देश दिया।
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सोमवार को अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान संरक्षण गृह में कुल 29 बालिकाएं उपस्थित मिलीं, जबकि उपस्थित पंजिका में 30 बालिकाएं दर्ज थीं। एक बालिका को वाराणसी के बाल कल्याण वेलफेयर कमेटी के निर्देश पर उन्हें उनके परिजन के साथ भेजे जाने की बात बताई गई। एसडीएम ने जांच में मानक के अनुरूप कमरे न मिलने पर आपत्ति जताई। कहा कि तत्काल परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगा लें। ऐसा नहीं हुआ तो केंद्र के विरुद्ध कार्रवाई होगी। जिला प्रोवेशन अधिकारी को इस मामले में लिखा-पढ़ी करने का निर्देश दिया और उच्चाधिकारियों को इसकी रिपोर्ट देने रहने की चेतावनी दी। बालिका संरक्षण गृह के जांच दल शामिल महिला चिकित्सक डा.संगीता पांडेय और सादात सीडीपीओ मीनाक्षी ने एक -एक कर संरक्षण गृह की बालिकाओं से बारीकी से हर पहलुओं पर पूछताछ की। उक्त संरक्षण गृह के प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्य राम प्रवेश मिश्र तथा अधीक्षिका कुसुम मिश्रा ने बताया कि बालिका संरक्षण गृह में 29 बालिकाओं में 10 से 18 वर्ष की दस बालिकाएं, दो मानसिक मंदबुद्धि की, एक मूक बधिर तथा 16 सामान्य बालिकाएं हैं। उक्त संस्थान वर्ष 2008 से महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित है।
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