गाजीपुर। रौजा ओवरब्रिज के दोनों तरफ आवागमन के लिए सड़क का निर्माण होना था। एक तरफ तो सड़क का निर्माण करा दिया गया, लेकिन दूसरी तरफ सड़क न बनने से आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उबड़-खाबड़ सड़क पर लोग लड़खड़ाते हुए आवागमन करने को विवश हैं। बारिश होने पर कीचड़ फैलने से लोगों की परेशानियां और भी बढ़ जा रही हैं।
रौजा रेलवे क्रासिंग पर फरवरी 2013 में लगभग 34.5 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया गया। इस ब्रिज की लंबाई 665 मीटर और चौड़ाई 8.5 मीटर है। तैयार होने के बाद करीब दो साल तक ब्रिज पर आवागमन शुरू हो गया। ब्रिज के दोनों तरफ 12 फीट का सड़क निर्माण किया जाना था। ब्रिज पर आवागमन सुचारु होने के महीनों बाद एक तरफ तो सड़क का निर्माण करा दिया गया, लेकिन दूसरी तरफ आज तक सड़क निर्माण के नाम पर कुछ दूरी तक इंटरलाकिंग का कार्य कराकर छोड़ दिया गया है। इससे आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आधा दूरी तक गड्ढायुक्त कच्चा मार्ग है। उबड़-खाबड़ रास्ते पर लोग किसी तरह आवागमन कर रहे हैं। बारिश होने पर मिट्टी पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो जा रही है। इस दौरा लोगों की दुश्वारियां और भी बढ़ जा रही है। बाइक सवार फिसलकर गिर जा रहे हैं। मार्ग का निर्माण न होने से अधिकांश लोग ब्रिज के दूसरी तरफ से मार्ग का सहारा लेते है, इससे दूसरी तरफ से बार-बार जाम लगता है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। परेशान लोगों ने कई बार संबंधित विभाग का ध्यान मार्ग निर्माण के लिए आकृष्ट कराया, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में नगरपालिका अधिशासी अधिकारी उमेशचंद ने कहा कि मार्ग के किनारे मजार और ईदगाह होने से निर्माण में दिक्कत आ रही है। जल्द ही मार्ग का निर्माण करा दिया जाएगा।