जमानिया(गाजीपुर)। रविवार को ‘अमर उजाला’ द्वारा प्रकाशित की गई खबर ‘खुले में किया जख्मी का उपचार’ को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच बैठा दी है। जिलाधिकारी के बालाजी ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर इस मामले में दो दिनों में जांच रिपोेर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। टीम में एसडीएम तथा एसीएमओ को शामिल किया गया है।
रविवार की सुबह जमानिया रेलवे स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म से एक नंबर पर जा रहे चंदौली जिले के अमड़ा गांव निवासी ओम प्रकाश पांडेय (50) को पंजाब मेल से धक्का लगने वह जख्मी हो गए थे। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उसे उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां ओमप्रकाश का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर खुले आसमान के नीचे स्ट्रेचर पर लेटा कर किया गया। इतना ही नहीं उसका इलाज भी प्राइवेट चिकित्सक ने किया और टांका, ड्रेसिंग तथा ड्रिप आदि भी लगाया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो डाक्टर के साथ एक महिला डाक्टर संविदाकर्मी भी तैनात हैं। लोगों का सवाल है कि आखिर गंभीर रूप से घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भीतर क्यों नहीं ले जाया गया। इलाज के लिए प्राइवेट चिकित्सक को क्यों लगाया गया। अस्पताल के चिकित्सक कहां थे और इमरजेंसी में भी क्यों नहीं आए। हालांकि ये पहला मौका नहीं है जब किसी प्राइवेट व्यक्ति ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज किया हो। घायल के परिजनों तथा संतोष कुमार पांडे, संजय पांडे, उदय नारायण सिंह आदि ने आरोप लगाया है कि घायल के इलाज के नाम पर भी मात्र खानापूर्ति ही की गई। अब इस प्रकरण में जिलाधिकारी द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद परिजनों में संतोष दिख रहा है।