दिलदारनगर (गाजीपुर)। होनहार बिटिया की मौत के तीन बाद बेसुध पड़ी मां को देखकर सभी की आंखें भर जा रही हैं। मृतका के घर ही नहीं आसपास के घरों का भी चूल्हा ठंडा पड़ा हुआ है। होनहार पोती को उच्च शिक्षा देकर इंजीनियर बनाने का सपना देखने वाले बाबा हरिनारायण घर के बाहर चारपाई पर सिर्फ आने-जाने वालों को निहारने के साथ किसी सोच में डूबे हुए हैं।
अपनी बड़ी बहन को खो चुकी छोटी बहन नेहा और दोनों भाइयों की आंखों में आंसू है लेकिन उनकी जुबान खामोश है। मृत छात्रा अर्चना के परिजनों के गम की आग ने पेट की ज्वाला को शांत कर दिया है। यहीं नहीं आस-पास के लोगों के चेहरों पर इस घटना को लेकर गम और गुस्सा साफ झलक रहा है। बेसुध पड़ी मृतका की मां किरन देवी के रोने-बिलखने को देख हर कोई की आंखें डबडबा जा रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जैसे ही रिश्तेदार घर पहुंच रहे हैं बेसुध पड़ी मां किरन देवी अपनी मृत पुत्री को यादकर रोने लग रही हैं। इस हृदय विदारक घटना से आहत गांव की महिलाएं किरन देवी को चुप कराने में लगी हुई हैं। इधर होनहार पोती को इंजीनियर बनाने का आंखों में सपना संजोए मृतका के बाबा हरिनारायण घर के बाहर चारपाई पर अपनी पथरा गई आंखों से सबको निहारने के साथ गहरी सोच में डूबे पड़े हुए हैं।