गाजीपुर। शहर कोतवाली में मंगलवार को देर रात बाल सुधार गृह में तैनात सिपाही संजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। सिपाही पर एफआईआर बाल सुधार गृह के पर्यवेक्षक श्रीप्रकाश सिंह की तहरीर पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने गोलीकांड के आरोपी सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे की कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
बीते दो अक्तूबर को बाल सुधार गृह में सुबह करीब साढ़े आठ बजे ड्यूटी पर तैनात सिपाही संजय सिंह, होमगार्ड शिवमूर्ति यादव और सफाई कर्मी सुनील रावत बातचीत करने के दौरान राइफल चलाने के तरीके के बारे में पूछने लगे। इसे सीखने और देखने के दौरान बंदूक से गोली चल गई और होमगार्ड के जंघे को चीरते हुए सफाई कर्मी के पेट में जा लगी। इसके बाद तो परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के बाद पहुंची पुलिस ने आरोपी सिपाही को सरकारी बंदूक के साथ हिरासत में लेने के बाद होमगार्ड के शव को कब्जे में ले लिया और घायल सफाई कर्मी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की जानकारी होते ही मृत होमगार्ड के परिजन भी वहां पहुंच गए। शाम के समय बाल सुधार गृह के पर्यवेक्षक श्रीप्रकाश सिंह भी कोतवाली पहुंचकर अपनी ओर से आरोपी सिपाही के खिलाफ तहरीर दी। लेकिन पुलिस परिजनों के आने की बात कहकर मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस दौरान जब होमगार्ड के परिजन भी देर शाम कोतवाली पहुंचे तो उन्होंने पर्यवेक्षक द्वारा दी गई तहरीर पर ही अपनी सहमती जताने के साथ मुकदमा दर्ज करने को कहा। लेकिन कोतवाली पुलिस आरोपी सिपाही के खिलाफ धारा लगाने के लिए घंटों माथापच्ची करती रही। देर रात करीब 9.30 बजे के बाद काफी माथापच्ची करने बाद आखिरकार मुकदमा पुलिस ने दर्ज कर लिया। इस संबंध में एसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि आरोपी सिपाही को निलंबित करने के साथ मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।