गाजीपुर। एक टीवी चैनल के मालिक और प्रमुख व्यवसायी के बीच मकान को लेकर उपजे विवाद के मामले में बुधवार की देर शाम तक कोतवाली में चली पंचायत में दोनों पक्ष न्यायालय के आदेश को मानने पर राजी हो गए। जबकि दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
मालूम हो कि शहर के महुआबाग स्थित एक मकान को लेकर टीवी चैनल मालिक पीके तिवारी एवं प्रमुख व्यवसायी रिंकू अग्रवाल के बीच विवाद चल रहा है। रिंकू ने आरोप लगाते हुए बताया था कि पिछले वर्ष 23 फरवरी को उन्होंने पीके तिवारी के बेटे सौरभ तिवारी से इस मकान को खरदीने का एग्रीमेंट कराया था। उसके एवज में 15 लाख 35 हजार रुपये का स्टांप शुल्क भी जमा कर चुके हैं। इसके अलावा तिवारी बंधुओं के मैनेजर ने भी 15 लाख रुपये अलग से लिया था। आरोप लगाया कि मकान कब्जा करने के बाद से ही तिवारी बंधुओं की नीयत बिगड़ गई और उन्होंने सिविल कोर्ट में मकान पर मालिकाना हक जताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। प्रमुख व्यवसायी रिंकू अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय की तरफ से जो भी आदेश आएगा वह सर्वमान्य होगा। आरोप लगाते हुए बताया कि तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया और विधायक एवं उसके गनर को तहरीर से नाम काटने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस तहरीर लेकर जांच कर कार्रवाई की बात कह रही है। पुलिस के मुताबिक देर शाम तक चली पंचायत में न्यायालय के निर्णय को मानने के लिए दोनों पक्ष राजी हुए हैं। आज भी मकान में व्यवसायी के कर्मचारी रह रहे हैं। इस संबंध में सीओ हृदयानंद सिंह ने बताया कि मामला न्यायालय में चल रहा है। न्यायालय की ओर से निर्णय आने की बात पर दोनों पक्ष राजी हुए हैं। इस संबंध में कोतवाल सुरेंद्र पांडेय ने बताया कि तहरीर पर मामले की जांच की जाएगी। न्यायालय के निर्णय को मानने पर दोनों पक्ष राजी हो गए।