न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय ने दो मामलों में पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया। मूंग के पापड़ के पैकेट पर बैच नंबर न होने पर फर्म और उसके मालिक के खिलाफ डेढ़-डेढ़ लाख और चने की दाल घटिया मिलने पर दूकानदार पर दो लाख रुपये जुर्माना लगाया।
अभिहित अधिकारी चंद्रकिशोर ने बताया कि 13 नवंबर 2011 को तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जंगीपुर में एक डिलीवरी वैन से मूंग के पापड़ का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया। निर्माता की ओर से पैकेट पर बैच नंबर अंकित नहीं किया
गया था।
इस संबंध में फर्म और उसके मालिक के खिलाफ न्याय निर्णायक अधिकारी की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया गया। न्याय निर्णायक अधिकारी ने फर्म और उसके मालिक बजरंग लाल के खिलाफ डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माना लगाया।
इसी तरह 29 फरवरी 2012 को तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नोनहरा थानाक्षेत्र की एक दूकान से चने की दाल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। दाल मानक के अनुरूप न मिलने पर दूकानदार परमानंद सिंह कुशवाहा के खिलाफ न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया। न्याय निर्णायक अधिकारी-अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने इस मामले में दो लाख रुपये जुर्माना लगाया।