गाजीपुर। साधन सहकारी समितियां केवल खाद व ऋण का वितरण नहीं करती हैं, बल्कि वह आर्थिक विकास की नई इबारत लिखने में भी सक्षम होती हैं। इस बात पर मुहर लगाने का काम जनपद की 42 साधन सहकारी समितियां कर रही हैं। जिले में करीब 174 सहकारी समितियां है। इनमें करीब 165 सक्रिय है, जबकि नौ निष्क्रिय है। अमूमन साधन सहकारी समितियों पर खाद, ऋण वितरण के साथ ही गेहूं, धान आदि की खरीदारी होती है। लेकिन, 42 साधन सहकारी समितियां अब इस दायरे से आगे बढ़ चुकी हैं। इनकी तस्वीर अब केवल खाद, ऋण वितरण व गेहूं, धान आदि फसलों की खरीदारी तक नहीं रह गई है बल्कि अब यह खुद को आर्थिक गतिशीलता से नवाज रही हैं। वर्तमान में इन समितियों पर सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) का संचालन हो रहा है। इससे किसानों को काफी सहूलियत मिल रही है। किसान अपनी नजदीकी समिति पर आय, जाति, निवास आदि प्रमाण पत्र बनवा ले रहे हैं। साथ ही बिजली बिल का भुगतान, योजनाओं का आवेदन व फाॅर्मों को भरने का काम भी आसानी से करवा ले रहे हैं। वहीं सीएससी संचालन के मामले में इन सभी साधन सहकारी समितियों ने दो वर्षों में 42.5 लाख रुपये का टर्न ओवर किया है।