गाजीपुर। रंगों के पर्व होली से एक दिन पूर्व होलिका दहन किया जाता है। बुधवार को जनपद के 2428 स्थानों पर परंपरागत तरीके से होलिका दहन किया जाएगा। इसके लिए शहर तथा गांव स्तर पर संवत जलाने की व्यापक तैयारी की जा रही है। चयनित स्थानों पर लकड़ी, उपले आदि सामानों को एकत्र किए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। होलिका दहन के बाद लोग इसकी परिक्रमा करते हैं तथा आरोग्य निरोग रहने की कामना करते हैं। कर्मकांडी तथा वरिष्ठ पंडित मनीष त्रिपाठी के मुताबिक, बुधवार की रात आठ बजकर 12 मिनट के बाद होलिका दहन का मुहूर्त बन रहा है। ऐसी मान्यता है कि होलिका के साथ लोग अपनी सभी बुराइयों को जला देते हैं। प्रशासन की ओर से भी होलिका दहन के अवसर पर सुरक्षा के भी व्यापक प्रबंध किया गया है।
होली 21 मार्च को देशभर में एक साथ मनाया जाएगा। इसके एक दिन पूर्व परंपरा के मुताबिक होलिका दहन अर्थात संवत फूंका जाता है। इसी दिन पुराना संवत समाप्त होता है तथा होली के दिन से नए संवत 2076 का शुभारंभ हो रहा है। इसकी विस्तार से जानकारी देते हुए पंडित मनीष त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रों के मुताबिक, ढूंढा राक्षसी की पीड़ा से मुक्ति पाने तथा परिवार की रक्षा तथा निरोगता की कामना के साथ होलिका दहन पूजन किया जाता है। होली का शुभारंभ होलिका दहन से किया जाता है। इसे भक्त प्रह्लाद और होलिका के प्रसंग से भी जोड़ा जाता है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस बार जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में 149, सादात में 75 , नंदगंज क्षेत्र में 91 जगहों पर होलिका दहन किया जाएगा। इसी प्रकार सैदपुर में 248, बहरियाबाद में 72, मुहम्मदाबाद में 106, गहमर में 43 तथा दिलदारनगर में 55, करंडा में 109, भुड़कुड़ा में 87, भांवरकोल में 195, करीमुद्दीनपुर मेें 122, जमानिया में 87, सुहवल में 60, दुल्लहपुर में 39, बिरनो में 67, शादियाबाद में 149, खानपुर में 275, मरदह में 71, कासिमाबाद में 109, जंगीपुर में 94, नोनहरा में 150, बरेसर थाना क्षेत्र में 80 जगहों पर होलिका जलेगी। एसपी डा. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि कही भी नए स्थान पर होलिका दहन नहीं होगा। होलिका स्थल पर पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
पचास रुपये तक बढ़ी खोवा की कीमत
गाजीपुर। होली पर पारंपरिक पकवान गु झियां, मालपुआ, माठ, चिप्स आदि बनाने में घरों की महिलाएं व्यस्त हैं। खोवा की दुकानों पर भी रोज की अपेक्षा अधिक भीड़ बनी रही। मांग के चलते भाव भी बढ़कर 250 से 300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया। मुहम्मदाबाद, जमानिया, दिलदारनगर आदि इलाकों में भी यही स्थिति बनी रही।
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