कासिमाबाद। अपने हक और अधिकार के लिए सभी पिछड़ी जातियों को संगठित होकर संघर्ष करना पड़ेगा। यह बातें अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम आशीष राजभर ने रविवार को ग्राम बिशुनपुर में आयोजित अति पिछड़ा वर्ग प्रतिनिधि सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने कहा कि देश के सभी प्रांतों में पिछड़ी जातियों का नेतृत्व कई भागों में बंटा हुआ है। यहां तक कि कुछ जातियों का कोई प्रतिनिधि ही नहीं है। इसका परिणाम है कि आज भी पिछड़ी जातियां दलित जातियों से भी पिछड़ी हुई हैं। इसके लिए हम सबको एक मंच पर आना होगा और अपने हक और अधिकार के लिए लड़ाई लड़नी होगी। कहा कि पिछड़ी जाति के नेताओं को पिछड़ी जातियों के सम्मान और हक की लड़ाई लड़ने से कोई मतलब नहीं है। इसलिए सभी जाति के लोगों को एकजुट होकर ऐसे नेताओं से बचते हुए एक मंच पर आकर अपने हक और अधिकार की मांग करनी होगी। सम्मेलन में भोला चौहान, नरसिंह चौहान, शिवशरण राजभर, रामकृपाल राजभर, रमेश कुशवाहा, जगदीश राजभर, वीरेंद्र चौहान, मुन्ना राजभर, शाहनवाज अंसारी, बब्बन राजभर, दिलीप, राधेश्याम, अमरजीत आदि ने विचार व्यक्त किया। सम्मेलन की अध्यक्षता देव मुनि कुशवाहा एवं संचालन रामजन्म चौहान ने किया।