गाजीपुर। पुलिस की भर्ती में शामिल होने आए अभ्यर्थियों ने रोडवेज में बस न होने से सोमवार की देर शाम जमकर हंगामा किया। गुस्साएं युवकों ने हो-हल्ला करते हुए दो बसों के शीशे तोड़ दिए। इसकी जानकारी होते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। भारी मात्रा में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। सूचना मिलने पर एआरटीओ विनय कुमार भी पहुंच गए। एआरटीओ ने ट्रक और प्राइवेट बस उपलब्ध कराया। इन वाहनों से देर रात तक पुलिस परीक्षार्थियों को रवाना करती रही।
पुलिस भर्ती की परीक्षा के लिए गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, पडरौना आदि जिले के सैकड़ों परीक्षार्थी जिले में आए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद घर लौटने के लिए अधिकांश परीक्षार्थी रोडवेज पहुंचे। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और पडरौना के लिए यहां से सीधी ट्रेन सेवा नहीं है। रोडवेज में बस न होने से यात्री परेशान रहे। गोरखपुर के लिए बस है या नहीं, यह पता करने के लिए पूछताछ केंद्र पर पहुंचते रहे, लेकिन यहां पर किसी के मौजूद न होने से उन्हें बस की जानकारी नहीं मिल पा रहा है। जैसे ही परीक्षार्थियों को यह पता चल रहा कि यह बस गोरखपुर जा रही है, शोर-शराबा के बीच धक्का-मुक्की करते हुए उसमें सवार होने लग रहे थे। शाम को दूसरी पाली परीक्षा छूटने पर रोडवेज पर और भीड़ बढ़ गई। देर रात बस न होने को लेकर युवक हो-हल्ला करने लगे। इस दौरान वहां खड़ी दो रोडवेज बसों के शीशे तोड़ दिए। युवकों का आरोप था कि रोडवेज में तमाम बसें खड़ी हैं। बावजूद उनका संचालन नहीं किया जा रहा है। युवकों द्वारा बस का शीशा तोड़ने की जानकारी होते ही भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। युवकों को समझा-बुझाकर शांत कराया। जानकारी होते ही एआरटीओ भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्राइवेट बस और ट्रकों की व्यवस्था कराई। इसके बाद इन वाहनों से पुलिस देर रात तक परीक्षार्थियों को गंतव्य के लिए रवाना करती रही। इस संबंध में सदर कोतवाल राजीव सिंह ने कहा कि चालक द्वारा न जाने की बात पर युवकों ने हंगामा करते हुए बस का शीशा तोड़ दिया। युवकों के समझा-बुझाकर शांत कराया गया। कोतवाली पुलिस और एआरटीओ की देख में प्राइवेट बसों और ट्रकों से युवकों को भेजवाया गया।