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कई विभागों को नहीं मिली फूटी कौड़ी

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गाजीपुर। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में करीब एक पखवारे का समय शेष रह गया है, लेकिन फरवरी माह तक कई विभागों को फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है। जबकि सात विभागों ने अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष संतोषजनक पैसा खर्च किया है। अन्य विभागों में उदासी छाई हुई है। कुछ विभागों में तो मार्च माह के पहले हफ्ते में धन अवमुक्त हुआ है। जिससे उनको इसे खर्च कर पाना भी कठिन है।
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वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिला योजना के अंतर्गत जिले का परिव्यय चार अरब 69 करोड़ 89 लाख निर्धारित किया गया। इसके सापेक्ष शासन की ओर से विभिन्न विभागों को चार करोड़ 24 लाख 42 हजार की धनराशि अवमुक्त की गई। अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष इन विभागों की तरफ से चार करोड़ 39 लाख पांच हजार रुपये फरवरी माह तक व्यय कर दिया गया। इनमें से कुछ विभागों की तरफ से अवमुक्त धनराशि की तुलना में पैसा खर्च किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार कृषि विभाग को जिला योजना में निर्धारित परिव्यय 30 लाख के सापेक्ष 23 लाख मिला। इसमें फरवरी तक विभाग की ओर से 37.35 प्रतिशत की धनराशि खर्च कर दी गई। इसके अलावा गन्ना, दुग्ध विकास, वन, निजी लघु सिंचाई, खादी एवं ग्रामोद्योग, माध्यमिक शिक्षा और महिला कल्याण विभाग को धनराशि अवमुक्त की गई। करीब तीन दर्जन विभाग ऐसे रहे जिन्हें फरवरी माह तक एक पाई भी नसीब नहीं हुई। इन विभागों में पशुपालन, मत्स्य विकास, सहकारिता, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम, भूमि विकास एवं जल संसाधन, रोजगार कार्यक्रम (मनरेगा) पंचायती राज, राजकीय लघु सिंचाई, अतिरिक्त ऊर्जा श्रोत, सड़क एवं पुल, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्राविधिक शिक्षा, प्रादेशिक विकास दल, खेलकूद, एलोपैथी, परिवार कल्याण, होमियोपैथी, आयुर्वेद, ग्रामीण पेयजल ग्राम्य विकास, ग्रामीण स्वच्छता अल्पसंख्यक कल्याण आदि विभागों को फरवरी माह तक फूटी कौड़ी नहीं मिली। इनका प्रस्ताव बहुत पहले शासन को भेजा गया था। लेकिन भुगतान न होने से विभागों का विकास अवरुद्ध होने के साथ ही लोगों में मायूसी छाई हुई है। विभागीय कर्मचारी काफी दिनों से बजट का रोना रो रहे हैं।
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