सैदपुर (गाजीपुर)। डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने तहसील क्षेत्र को तीसरी बार बड़ी जिम्मेदारी दी है। किसी दौर में कांग्रेस नेता स्व. इंदिरा गांधी का पसंदीदा क्षेत्र रहे सैदपुर को चौधरी चरण सिंह सिंह लोकदल के मंचों से मिनी बागपत कहा करते थे, वहीं सपा मुखिया मुलायम सिंह जिले में सपा को मिले जनसमर्थन से अभिभूत होकर छोटा इटावा कहते हैं। भाजपा का जिले और सैदपुर तहसील में प्रदर्शन और जन समर्थन चाहे जिस तरह का हो लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा गाजीपुर के भाजपा कार्यकर्ता को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से साबित हुआ है कि गाजीपुर के नेतृत्व और कार्य क्षमता पर संगठन के शीर्ष नेतृत्व को मजबूत भरोसा है।
इसके पहले इसी तहसील के और सैदपुर तहसील मुख्यालय से 3 किमी दूर के गांव मलिकपुर के भाजपा नेता पंडित कलराज मिश्रा को 1991 में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उनके बेहतर सांगठनिक तालमेल के चलते उसके बाद हुए प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदेश में शानदार सफलता अर्जित की। कल्याण सिंह के नेतृत्व में पहली बार भाजपा की प्रदेश में सरकार बनी। पुन: दूसरी बार शीर्ष संगठन ने पंडित कलराज मिश्र को 2001 में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जिसमें पार्टी को आशातीत सफलता और सांगठनिक मजबूती मिली। डेढ़ दशक बाद पुन: संगठन की प्रदेश की सबसे बडी जिम्मेदारी इसी तहसील के भाजपा नेता डा. महेंद्रनाथ पांडेय को सौंपी गयी है। डॉ. पांडेय इसी तहसील के पक्खनपुर (मिर्जापुर) गांव के रहने वाले हैं। तहसील मुख्यालय से लगभग 18 किमी दूर यह गांव सादात ब्लाक के अंतर्गत आता है। इस गांव से कुछ ही दूरी पर जौनपुर और आजमगढ़ जिले की सीमाएं हैं। डॉ. पांडेय की इस जिम्मेदारी को राजनीतिक रणनीतिकार वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ ही आगामी निकाय चुनाव की व्यूह रचना मान रहे हैं। सरल स्वभाव के चलते और सहजता से लोगों के सुख-दुख की साझेदारी करने वाले डॉ. पांडेय को अपनी सांगठनिक दक्षता और योग्यता तथा राजनीतिक अनुभवों के चलते भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों में भी सम्मान मिलता है।