गाजीपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को नगर के आरटीआई स्थित मैदान में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 380 जोड़ों ने एक-दूसरे संग फेरे लिए। वहीं, एक मुस्लिम जोड़े का निकाह मौलवी ने पढ़वाया।
इसके पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि नवविवाहित जोड़ों ने सात फेरे लेकर एक साथ रहने का जो संकल्प लिया है, उसे आजीवन निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने योजना के माध्यम से गरीब, मजदूर एवं असहाय परिवारों को इसका लाभ दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में बेटी बचाओ, बेटी-पढ़ाओ के महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश की बेटियोें को उन्होंने अपनी बेटी मानकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पूरे प्रदेश में चलाया है, जिसका हम सभी सम्मान करते है। दान में सर्वश्रेष्ठ दान कन्यादान है। आप जीवन में आगे बढ़ें। जिस तरह यहां आज उत्सव हो रहा है, वैसे ही आपके जीवन का हर दिन उत्सव भरा हो। नगर पालिका अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सरिता अग्रवाल ने सामूहिक विवाह के सफल आयोजन पर आभार व्यक्त करते हुए विवाहित नव दांपत्य जोड़ों को उनके विवाहित जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री की प्रेरणा से बेटियों को बोझ समझने की जो एक मंशा या सोच रहती है, उन सभी कुरीतियों पर एक प्रहार है, यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक राजेश यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाषचंद्र सरोज, जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव आदि मौजूद रहे।
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अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
गाजीपुर। सामूहिक विवाह के अवसर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से वर-वधुओं को उनके वैवाहिक जीवन की मंगल कामना करते हुए शुभकामनाएं दी गईं। नव दांपत्य को विवाह प्रमाण-पत्र एवं पौध रोपण हेतु फलदार वृक्ष का पौधा उनके हाथाें में दिया गया।
योजना में खर्च किया जाता है 51 हजार रुपये
गाजीपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से 51 हजार रुपये की धनराशि खर्च की जाती है। 35 हजार रुपये वधु के खाते में भेजा जाता है। 10 हजार रुपये के उपहार दिए जाते हैं। साथ ही छह हजार रुपये समारोह पर खर्च किए जाते हैं।