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10 दिन में 36 कोरोना संक्रमित मिले

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गाजीपुर। प्रवासी मजदूरों के साथ मुंबई से कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी भी जिले में आ रही है। अभी तक जितने भी कोराना पाजिटिव मरीज मिले हैं, उनमें 90 फीसदी लोग मुंबई से लौटने वाले हैं। यहां कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला जारी है। लोगों में इस बात की चर्चा होने लगी है कि आखिरकार कब तक कोरोना जैसी महामारी से जनपदवासियों को जूझना होगा।
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दस दिन पहले जनपद कोरोना संक्रमण से लगभग मुक्त हो गया था। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मिले तीन जमाती समेत छह कोरोना मरीज ठीक हो चुके थे। इसके बाद जिले की स्थिति नियंत्रण में थी। लोगों में इस बात की खुशी थी अब अपना जिला ग्रीन जोन में आ जाएगा। इसी बीच प्रवासी आने लगे और जांच के बाद पुन: नौ मई को नंदगंज के खिजीरपुर गांव में मुंबई से आया एक युवक कोरोना पाजिटिव मिला। यहीं से मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। यह लगातार जारी है। मंगलवार की भी सात संक्रमितों के मिलने के बाद पाजिटिज मरीजों की संख्या 36 तक पहुंच गई है।
खास बात यह है कि जिले में कोरोना संक्रमितों की लिस्ट पर नजर डालें तो प्रवासियों में 90 फीसदी मुंबई से आने वाले हैं। लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ने से जिलेवासियों में भय व्याप्त होता जा रहा है। हर रोज गांव-गांव में मरीजों के मिलने की चर्चा की जा रही है। लोगों की चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल है कि लगातार जिले में प्रवासियों के आने का क्रम जारी है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग आ रहे हैं। इसकी तुलना में सैम्पिंग बहुत कम भेजी जा रही है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अभी संक्रमितों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। मुंबई नगरिया से आने वाले लोग कोरोना संक्रमण को वहां से साथ लाकर अन्य लोगों की परेशानियों को भी बढ़ा रहे हैं। यदि यह लोग लाकडाउन के शुरुआती दौर में ही आ गए होते, तो शायद अब तक संक्रमितों की संख्या में कमी आ गई होती। इस खतरनाक बीमारी के बारे में सोचकर हर रोज जिलेवासियों के दिलों की धड़कनें तेज हो जा रही हैं।
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