गाजीपुर। किसी भी कल्याणकारी योजना में अपात्र कैसे सेंधमारी कर देते हैं, इसका एक उदाहरण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना है। दो वर्षों से 3500 आयकरदाता किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। इसका खुलासा कृषि विभाग के सत्यापन में हुआ है। विभाग की ओर से आयकरदाताओं को नोटिस भेजने की कार्रवाई की गई। साथ ही उनसे एक करोड़ रुपये की धनराशि वसूली गई।किसान सम्मान निधि का मकसद किसानों को खेती के कार्यों में आर्थिक सहूलियत प्रदान करना है। इसके लिए पात्रता की कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। प्रमुख शर्त यह है कि नौकरी करने वाले व आयकरदाता इसके लिए पात्र नहीं होंगे। विभाग ने इस योजना का सत्यापन कराया तो पता चला आयकरदाता भी इसका लाभ ले रहे थे। इसके बाद नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू हुई। दो वर्षों से योजना का लाभ ले रहे 3500 अपात्रों को नोटिस भेजा गया। विभाग ने इनसे एक करोड़ रुपये की रिकवरी की । जिले में किसान सम्मान निधि योजना का संचालन वर्ष 2019 से हो रहा है। अब तक 4.22 लाख किसानों को योजना का लाभ मिल चुका है। कृषि उपनिदेशक अतींद्र सिंह ने बताया कि 3500 आयकरदाता योजना का लाभ ले रहे थे। दो वर्षों में एक करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है।