गाजीपुर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से मास्टर ट्रेनर्स, मतदान कार्मिकों को ईवीएम, वीवीपैट, बैलेट यूनिट के संबंध में विकास भवन के सभागार में शनिवार को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट, मतदान में प्रयोग रजिस्टर-प्रपत्र, पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी के कार्य एवं दायित्व, निर्वाचन से संबंधित प्रपत्रों को मुहरबंद किए जाने, चैलेंज वोट, टेंडर वोट, पोस्टल बैलेट आदि के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण में बताया कि पीठासीन अधिकारी मतदान प्रारंभ होने से दो घंटे पहले ईवीएम के साथ तैयार होकर पोलिंग बूथ पर उपस्थित रहेंगे। मॉक पोल के लिए नियत समय से कम से कम एक घंटा पहले माकपोल की कार्रवाई प्रारंभ कर देंगेे, जिसमें दो पोलिंग एजेंटों की उपस्थिति आवश्यक होगी। आयोग की ओर से मतदाता फोटो पहचान पत्र के अलावा वैकल्पिक फोटो पहचान के लिए 11 दस्तावेज अनुमन्य किए गए हैं। इसमें पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य-केंद्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लि. कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, आधार कार्ड अनुमन्य होंगे। मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि मतदान कार्मिकों विशेष रूप से पीठासीन अधिकारी को दक्ष बनाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स की व्यवस्था की गई है। बताया कि इस महाअभियान में जिले के जो कार्मिक लगेंगे उनकी संख्या लगभग 14 हजार है। आज 60 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद मास्टर ट्रेनर द्वारा 30 से 40 कार्मिकों का ग्रुप बनाकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्मिकों के प्रशिक्षण के बाद उनका ग्रुप डिस्कशन भी कराया जाएगा, जिससे उनके प्रशिक्षण की जानकारी का लेवल पता चल सके। बताया कि पिछले चुनाव में कम प्रतिशत वाले बूथ को चिन्हित किया गया है। उस पर विशेष फोकस करते हुए चुनाव पाठशाला, ग्राम चौपाल, नेहरू युवा केंद्र के यूथ, एलईडी वैन के माध्यम से मतदान प्रतिशत बढ़ाने का काम किया जाएगा।