गाजीपुर। करीब छह माह से चिकित्सक का पद रिक्त होने के चलते तलवल स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित हो रहा है। चहारदीवारी गिरने से पूरा परिसर छुुट्टा पशुओं का चारागाह बन चुका है। ग्रामीणों को इलाज के लिए 12 किमी दूर जिला मुख्यालय आना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं और गंभीर रुप से पीड़ित मरीजों को रात के समय उठानी पड़ रही है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने के लिए ब्लाक स्तरीय सीएचसी और पीएचसी के बावजूद गांव स्तर पर न्यू पीएचसी स्थापित की गई थी। गांव स्तर पर स्थापित इन न्यू पीएचसी पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को रात में निवास करने के लिए रूम भी बनाए गए थे लेकिन विभागीय अधिकारियों की ओर से इन न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ध्यान न देने से स्थिति काफी दयनीय होती जा रही है। तलवल गांव स्थित न्यू पीएसी पर तैनात चिकित्सक का स्थानांतरण खानपुर हुए छह माह से उपर हो गया लेकिन अभी तक किसी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई। अस्पताल की सभी खिड़कियों के कांच टूट गए हैं। स्वास्थ्य केंद्र में लगा दरवाजा भी जगह-जगह टूट गया। परिसर में जगह-जगह जलजमाव होने से जंगली घास उगी है। तीन वर्षो से पीने के पानी के लिए टंकी और चहारदीवारी गिरने के चलते पूरा परिसर छुट्टा पशुओं का चारागाह बना हुआ है। यहां प्रत्येक दिन करीब 20 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचते हैं लेकिन केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट द्वारा उन्हें जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि जल्द ही चिकित्सकों की तैनाती न्यू पीएचसी पर करा दी जाएगी।