भांवरकोल (गाजीपुर)। बलिया जनपद के कोरंटाडीह डाक बंगले के पास स्थित बागीचे में शनिवार को माढ़ूपुर गांव स्थित रामजानकी मंदिर से दो सप्ताह पूर्व लूटी गई अष्टधातु की दो और चांदी एक मूर्ति फेंकी मिली। मूर्तियों के मिलने की जानकारी होते ही पुलिस ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों से पहचान कराकर भगवान राम, जानकी और हनुमान की मूर्तियों को कब्जे में ले लिया।
18 जुलाई की देर रात लुटेरों ने माढ़ूपुर गांव स्थित रामजानकी मंदिर पर धावा बोलकर पुजारी विजय राघव दास को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद लुटेरों ने मंदिर के गर्भगृह में रखी भगवान राम, जानकी, लक्ष्मण और शालिग्राम की अष्टधातु और हनुमान की चांदी की मूर्ति लूट ली थी। गंभीर रुप से घायल पुजारी की वाराणसी में इलाज के दौरान बीते 23 जुलाई को मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर गांव के ग्रामीणों सहित क्षेत्रीय लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त था। घटना के दो सप्ताह बाद बलिया जनपद के कोरंटाडीह डाक बंगले के पास स्थित बगीचे के किनारे भगवान राम, जानकी और हनुमान की मूर्तियां फेंकी मिलीं। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी कोरंटाडीह स्थित चौकी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने इसकी जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी। जानकारी होते ही थानाध्यक्ष बालमुकुंद मिश्रा गांव के ग्रामीणों को लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने फेंकी गई राम, जानकी और हनुमान की मूर्तियों की पहचान कर ली। मंदिर की मूर्तियों की पहचान होते ही पुलिस ने कब्जे में ले लिया। पुलिस शेष दो लक्ष्मण और शालिग्राम की मूर्तियों को बरामद करने में जुटी हुई है। इस संबंध में थानाध्यक्ष बालमुकुंद मिश्रा ने बताया कि शेष दो मूर्तियों की जल्द ही बरामदगी कर ली जाएगी।