गाजीपुर। जखनिया तहसील क्षेत्र के करमदेपुर निवासी अशोक बनवारी पिछले 30 साल से तहसील का चक्कर काट रहे थे। इन्हें खेती के लिए 0.0350 हेक्टेयर भूमि पट्टा की गई थी लेकिन उस पर वह खेती नहीं कर पा रहे थे। इसी तरह बघाई निवासी टेल्हू को भी 0.0380 हेक्टेयर जमीन पट्टा की गई थी, जिस पर कब्जा करने के लिए वह 20 साल से परेशान थे। इनके अलावा चार ऐसे गरीब थे, जो चार-चार साल तो 44 पात्र पांच-पांच साल से पट्टा की गई जमीन पर कब्जा नहीं पा रहे थे, जिन्हें प्रशासन ने विशेष अभियान के तहत अब कब्जा दिला दिया है।
जखनिया तहसील में 15 मई से लेकर 30 जून तक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 50 ऐसे गरीब पात्रों को चिह्नित की गई, जिनमें 37 लोगों को कृषि और 13 लोगों को आवासीय भूमि पट्टा किया गया था। इनमें सिंहनाथपुर, सुरुहुरपुर जयंती, भवरूपुर, करमदेवपुर, धावा मु. मोहब्बतपुर, कुड़ीला, जसौली, इब्राहिमपुर, बघाई से एक-एक पट्टा धारक थे। रानीपुर, खड़वाडीह, देवा, धनबाउर, भाला बुजुर्ग, और झोटना में दो-दो, भरतपुर, हथियाराम, बनकटा और खालिसपुर में तीन-तीन के अलावा यूसुफपुर में सबसे अधिक 12 और जलालाबाद पांच ऐसे फरियादी थे, जिन्हें प्रशासन की ओर से भूूमि पट्टे पर मिली थी लेकिन वे उस पर अपना कब्जा नहीं कर पा रहे थे। अब इन फरियादियों की समस्या का समाधान तहसील प्रशासन ने कर दिया है। मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी ने बताया कि सभी पात्रों को उनकी जमीन पर कब्जा दिला दिया गया है। इसके लिए 15 मई से लेकर 30 जून तक विशेष अभियान चलाया गया।
जमानिया तहसील क्षेत्र के ढढनी भानमल राय के तिवारीपुर मौजा गांव में 27 साल से चले आ रहे विवाद को प्रशासन ने बुधवार को सहमति के आधार पर हल कराया। एसडीएम ज्योति चौरसिया के मुताबिक लगभग 25 घरों का पानी यहां गिरता है। इसे लेकर 1998 से विवाद चला आ रहा था। जिलाधिकारी के आदेश पर उपजिलाधिकारी राजस्व टीम और बीडीओ के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों से वार्ता कर लगभग 27 वर्ष पुराने विवाद का हल सहमति के आधार पर कराया गया।