जिले के 28 विद्यालय बोर्ड परीक्षा के केंद्र नहीं बन पाएंगे। किसी में चहारदीवारी नहीं है तो किसी में पर्याप्त संख्या में कक्ष और फर्नीचर नहीं है। डीएम की गठित टीम की जांच में खामियां सामने आईं हैं। टीम सोमवार को भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय को सौंपेगी। जिसको जल्द ही माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजी जाएगी।
जिले में तीन राजकीय इंटर काॅलेज सहित 38 राजकीय विद्यालय, 25 वित्तपोषित समेत कुल 196 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। डीएम की ओर से गठित टीमों ने तीनों तहसीलों ज्ञानपुर, भदोही और औराई के विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया। तीन अगस्त को टीमें शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि डीघ के चार, औराई, सुरियावां, अभोली और भदोही के एक-एक विद्यालय में जरूरी संसाधनों का अभाव मिला। जिसमें 20 राजकीय और आठ वित्तविहीन विद्यालय केंद्र के मानक पूर्ण नहीं मिले। इन स्कूलों में बेहतर शौचालय, विद्युतीकरण, चहारदीवारी नहीं पाई गई। किसी में भवन और फर्नीचर की स्थिति अधूरी मिली है। सीसीटीवी कैमरे और पेयजल के मानकों पर भी विद्यालय फेल साबित हो गए हैं।
तीन अगस्त को स्कूलों की सत्यापन रिपोर्ट गठित टीम देगी। जिसको परिषद को भेजा जाएगा। वहीं से आनलाइन केंद्र का निर्धारण किया जाएगा। अंशुमान, डीआईओएस ने कहा कि
बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने के लिए कक्ष संख्या, परीक्षा कक्ष, बाउंड्री वॉल, पेपर स्ट्रांग रूम, गेट, दुरुस्त खिड़की, डबल लॉकर वाली आलमारी, एक्टिवेशन, डीवीआर, सीसीटीवी, रिकॉर्डर, राउटर, मॉनिटर, हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होनी चाहिए।