संवाद न्यूज एजेंसी
सुहवल। रेवतीपुर थाना क्षेत्र के आंधी-तिलवां गांव में मंगलवार की देर रात यादव बस्ती में अज्ञात कारणों से आग लगने से नौ लोगों की 27 झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गई। आग में पांच मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई, जबकि दो झुलस गए। तीन से चार घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अगलगी के चलते पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक यादव बस्ती में सभी लोग खाना खा परिजनों के साथ सो रहे थे कि अचानक रजिन्दर यादव की झोपड़ी से धुएं का गुब्बार उठा। लोग कुछ समझ पाते इसके पहले ही एक-एक कर झोपड़ियां आग का गोला बनने लगी। इस दौरान जानवरों को बचाने में नगीना यादव झुलस गए, जिनका उपचार जारी है।
पीड़ितों ने बताया कि अगलगी में करीब पांच लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। इस घटना में रजिंदर यादव की चार झोपड़ी और चार मवेशी, नगीना यादव तीन झोपड़ी व तीन जानवर, बेचू यादव दो झोपड़ी, लोकनाथ यादव चार झोपड़ी, सूर्यनाथ यादव चार झोपड़ी व एक जानवर जल गए। वहीं रमेश दो झोपड़ी, भीम यादव की तीन झोपड़ी, शिवनाथ यादव तीन झोपड़ी जबकि देवमुनी की दो झोपड़ियां भी आग से नष्ट हो गई।
अगलगी में डीजल इंजन, चारा मशीन, नगदी, जानवरों का चारा, कागजात, कपड़ा, चारपाई आदि सब जलकर कर राख हो गया। वहीं सूचना पर पशु विभाग की एंबुलेंस में सवार कर्मी मौके पर पहुंचे और जानवरों के उपचार में जुट गए। थानाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
-
पिता-पुत्र की जली झोपड़ियां
कासिमाबाद। बरेसर थाना क्षेत्र के चकजैनब ग्राम पंचायत के चकदरिया मौजे में बुधवार को पिता-पुत्र की अलग-अलग झोपड़ियां जल गई। इस अगलगी में खाने-पीने के सामान के साथ तीन साइकिल, दो मोबाइल जलकर नष्ट हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका।
चदरिया गांव में सुबह तीन बजे झोपड़ी में आग लग गई। परिजनों ने किसी तरह खुद की और उसमें बंधी बकरियों को बाहर निकालकर जान बचाई। वीरेंद्र राम ने बताया कि सामान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन तेज लपटों के बीच कुछ नहीं निकल पाया। आग में तीन बोरा गेहूं, चावल और तीन साइकिल, बिस्तर, पलंग आदि जलकर राख हो गया है। पास के रामजी राम की दो झोपड़ियों में आग लग गई । इसमें भी खाने-पीने का सामान जल गया है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक बरेसर धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आग लगने की सूचना मिली है।