गाजीपुर। घायल को अस्पताल तक पहुंचाने पर राहवीर योजना के तहत मदद करने वाले को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पहले यह नेक इंसान योजना के नाम से संचालित थी, जिसमें पुरस्कार राशि पांच हजार रुपये थी। इसे बढ़ाकर अब 25 हजार रुपये कर दिए गए हैं और उसका नाम बदलकर राहवीर कर दिया गया है।
परिवहन आयुक्त ने ब्रजेश नारायण सिंह ने आठ सितंबर को पत्र जारी किया है। उसमें उल्लेख है कि राहवीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करना है। बता दें कि राहवीर योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अप्रैल 2025 में शुरू किया गया था, जिसे उत्तर प्रदेश में लागू कर दिया गया है, जिसके तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन-ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 25,000 रुपये का इनाम देने की व्यवस्था है।
ये है राहवीर योजना -कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन-ऑवर (पहले 1 घंटे) के भीतर अस्पताल पहुंचाता है और घायल की जान बच जाती है, तो उस मददगार को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। घायल को सीधे अस्पताल पहुंचाने पर अस्पताल द्वारा पुलिस को सूचना दी जाएगी और इसकी एक प्रति उस नागरिक को भी सौंपी जाएगी। पुलिस कलेक्टर को भी इस संबंध में पत्र लिखेगी और इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा मददगार के बैंक खाते में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी।
इस तरह करें व्यवहार
- घायल व्यक्ति की गर्दन न हिलाने दें।
- गर्दन के दोनों तरफ लकड़ी के ब्लाक जैसी कोई कठोर वस्तु रखें।
- घायल व्यक्ति को गंभीर चोट लगने पर उन्हें हिलाने से उनकी चोटें और भी खराब हो सकती है या फिर उनकी मृत्यु भी हो सकती है।
- घायल खून की उल्टी कर रहा है, तो उसे सीधा न लिटाएं और किसी एक तरफ करवट में लिटा दें।
- यदि घायल व्यक्ति के शरीर में कुछ चुभ या घुस गया है तो उसे निकालने की कोशिश न करें।
जिले में राहवीर योजना के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें घायलों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पुलिस भी किसी प्रकार का कोई सवाल मददगार बने राहवीर से नहीं करेगी। -धनवीर यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, गाजीपुर।
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