मरदह। थाना क्षेत्र के पंसेरवा चट्टी पर स्थित कपड़ा और किराना की दुकान में मंगलवार की देर रात शार्ट-सर्किट से आग लग गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे फायर कर्मियों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। आग की घटना में दोनों दुकानों में रखा करीब 20 लाख का सामान आग की भेंट चढ़ गया।
इलाके के जुझारपुर (हरिहरपुर) गांव निवासी राजेश कुमार यादव मरदह के पंसेरवा चट्टी पर भोजापुर गांव मार्ग पर मकान बनवाकर रहते है। मकान में ही दो दुकानें है। एक दुकान में खुद राजेश राजेश रेडिमेड कपड़ा की दुकान चलाते है। दूसरी दुकान किराए पर दे रखा है, जिसमें भोजापुर गांव निवासी मुश्ताक अहमद किराना की दुकान चलाते है। रोज की तरह मंगलवार की देर शाम भी दोनों बंद हो गई। राजेश दुकान के बगल में स्थित में कमरा में सो गया था। रात में करीब साढ़े नौ बजे शार्ट सर्किट से कपड़ा की दुकान में आग लग गई। कुछ देर बाद जब राजेश को कपड़ा जलने की बदबू हुई तो वह कमरा से बाहर निकला तो देखा कि दुकान से आग की लपटे निकलते देखा। इसकी जानकारी होते ही आसपास के लोग भी घरों से निकल गए। लोगों ने तत्काल घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड को दी। संसाधन न होने से लोग आग बुझाने में अक्षम थे। आग बदल में स्थित किनारा की दुकान को भी अपनी जद में ले लिया। रात करीब पौने 12 बजे पहुंचे फायर कर्मियों ने लोगों की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सबकुछ जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित रजेश ने बताया कि 15 हजार नगदी, सात लाख की फैंसी साड़ी, दो लाख 75 हजार का जींस पैंट, दो लाख शर्ट/टी-शर्ट, पांच लाख का बच्चों का रेडिमेड कपड़ा, दो लाख का ऊनी वस्त्र, 60 हजार का गर्म कबंल जलकर राख हो गया। किराना के दुकानदार मुश्ताक अहमद ने बताया कि दो हजार का सरसों का तेल, पांच हजार का चावल, एक हजार का चना, पांच हजार का बिस्किट, एक हजार का अगरबत्ती, दो हजार का चिप्स, पांच हजार डिटर्जेंट पाउडर हजारों का अन्य सामान आग की भेंट चढ़ गया। आग की तपन से मकान दी दीवारों में दरार चटक गई। मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल प्रवीण राव ने जांच-पड़ताल कर आगजनी में नुकसान की क्षतिपूर्ति का मूल्यांकन कर तहसील मुख्यालय को रिपोर्ट भेजा। लेखपाल के अनुसार दोनों दुकानों का मिलाकर लगभग बीस लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
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आग से तीन झोपड़ियां जलकर राख
सुहवल। थाना के डारीडीह गांव में बुधवार को दिन में करीब तीन बजे अज्ञात कारणों से लगी आग में तीन रिहायशी झोप ड़ियां जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की इस घटना में जहां एक भैस गंभीर रूप से झुलस गई, वहीं गृहस्थी का हजारों का सामान आग की भेंट चढ़ गया।
मालूम हो कि डारीडीह गांव निवासी रमाकांत राजभर परिवार खेत में काम करने के लिए गया था। इसी दौरान दिन में करीब तीन बजे अज्ञात कारण से झोपड़ी में आग लग गई है। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तीन झोपड़ियों से आग की तेज लपटे उठने लगे। लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी रमाकांत को दी। सूचना मिलते ही वह परिवार के लोग मौके पर पहुंच गया। ग्रामीण शोर-शराबा के बीच आग बुझाने में जुट गए। लोगों ने झोपड़ी में बंधी को किसी तरह से बाहर निकाला, लेकिन तब तक भैस गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया। आग की इस घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। पीड़ित परिवार की माने तो आग की इस घटना में करीब एक लाख से ऊपर का नुकसान हुआ है। बताया कि इसकी सूचना संबंधित विभाग की दी गई है।
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अग्नि पीड़ितों को सहायता दी
रेवतीपुर। क्षेत्रीय जिला पंचायत धर्मेंद्र यादव बुधवार को स्थानीय गांव के पट्टी बहोरिक राय पकवा इनार में पहुंचे। उन्होंने अग्नि पीड़ितों को आटा, चावल, दाल, तेल के साथ मवेशियों के भूसा उपलब्ध कराया। ग्रामीणों से अग्नि पीड़ितों का सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर मोहन यादव, बबलू कुमार, राहुल सिंह, अजय कुमार, विपिन कुमार, मोहन आदि मौजूद रहे। मालूम हो कि बीते 20 मार्च को अज्ञात कारणों से लगी आग से यादव बस्ती के 13 लोगों की 25 रिहायशी झोपडियां जलकर राख हो गई। उसमें रखा गृहस्थी का सारा सामान जल गया था।