गाजीपुर। संयुक्त सशक्त युवा की ओर से शुक्रवार को विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर शहर में विवेकानंद पदयात्रा के रूप में प्रतीकात्मक रैली निकाली गई। वंशीबाजार स्थित विवेकानंद पार्क में स्थित स्वामी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद इसका शुभारंभ किया गया। जिसमें एक कार्यकर्ता को विवेकानंद का प्रतीक बनाया गया था। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गुजरी तथा अलग-अलग स्थानों पर संक्षिप्त सभाओं में उनके बारे में विस्तार से बताया गया।
इस दौरान आयोजित सभा में प्रतिक स्वरूप बने विवेकानंद ने कहा कि हम सिर्फ सार्वभौमिक सहिष्णुता पर ही विश्वास नहीं करते, बल्कि हम सभी धर्मों को सत्य के रूप में स्वीकार करते हैं। अनेकता में एकता हमारे राष्ट्र की विशेषता रही है। सर्वधर्म संपन्न यह देश मानवीय संवेदना की मिसाल प्रस्तुत करता है। हम स्वार्थपरत के जीवन में इतना घुल गए हैं कि पीड़ा से हमारा कोई रिश्ता ही नहीं रहा। कोई भी राष्ट्र, कोई भी समाज, युवा शक्ति के बल पर ही परिवर्तन लाता है। कहा कि संवेदनहीन मनुष्य पशुओं से भी बदतर हैं। अगर हमें ईश्वर ने मनुष्य योनि में भेजा गया, तो हम उस ईश्वर के ऋणी हैं। हमें मानवीय संवेदना के साथ मानवता का परिचय निरंतर देना होगा। पदयात्रा के दौरान भारती माता की जय आदि के नारे लगाए जाते रहे। पदयात्रा कचहरी होते हुए रेलवे स्टेशन रोज स्थित कैंप कार्यालय पर समाप्त हुई। इस मौके पर अध्यक्ष नीरज, एहतेसाम, शीषदीप, अभिषेक, सुरजीत, योगेश, दिनेश, चंद्रशेखर, सतेंद्र, गौरव, परवेज, अंजीत आदि ने सराहनीय योगदान किया।