गाजीपुर। जिले में संचालित राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों के अभाव के चलते स्थिति नाजुक बनी हुई है। मजबूरी में प्रधानाचार्यों का कार्य उनके मातहतों को प्रभारी बना कर कराया जा रहा है। जिले में ं कुल 28 राजकीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में से 14 विद्यालय ऐसे हैं जहां प्रधानाचार्य नहीं है। इनमें दो राजकीय हाईस्कूल भी शामिल हैं। जिले के राजकीय विद्यालयों की अगर वर्तमान स्थिति देखा जाए तो सब कुछ साफ हो जाएगा। सबसे पहले राजकीय हाईस्कूलों की स्थिति पर गौर करें तो जिले में कुल 16 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में राजकीय हाईस्कूल सदरजहांपुर और मधुबन ऐसे दो विद्यालय हैं जहां प्रधानाचार्य का पद इसकी स्थापना वर्ष से ही रिक्त पड़ा है। राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाचार्यों के पद भरने के लिए विभागीय तौर पर भर्तियां जारी हैं। महिला वर्ग की पदोन्नति होते ही इन दोनों पदों के भर जाने की उम्मीद जताई जा रही है। उधर राजकीय इंटर कॉलेजों की अगर बात करें तो प्रधानाचार्य के मामले में काफी दयनीय है। जिले में कुल 12 राजकीय इंटर कॉलेज संचालित हैं। इन सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। इन विद्यालयों में से एक बालकों का राजकीय सिटी इंटर कॉलेज गाजीपुर है जबकि शेष 11 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हैं। राजकीय सिटी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य का कार्य वहां तैनात उप प्रधानाचार्य देख रहे हैं। इसके अलावा 11 राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों में भी प्रधानाचार्य नहीं हैं। इन विद्यालयों में जीजीआईसी गाजीपुर, जीजीआईसी नारीपचदेवरा, जीजीआईसी सैदपुर और जीजीआईसी रामपुर के प्रधानाचार्य का कार्य वहां तैनात उप प्रधानाचार्य देख रही हैं। अन्य सभी सात विद्यालयों के प्रधानाचार्य का कार्य वहां के सहायक अध्यापक या प्रवक्ता देख रही हैं। राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चार वर्ष पूर्व शुरू हुई थी लेकिन अभी तक यह पदोन्नति या नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस संबंध में राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम नारायण सिंह यादव और प्रांतीय प्रवक्ता रामअवतार यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि राजपत्रित से क्लास-टू में पदोन्नति का प्रकरण पिछले चार वर्ष से कोर्ट में लंबित पड़ा है। इस कारण क्लास-टू के पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया बाधित है। उक्त दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि कोर्ट से मामले का निस्तारण शीघ्र होने वाला है। इसके बाद ही भर्ती की जा सकेगी। राजकीय शिक्षक संघ की इस मामले में शासन से भी बातचीत हुई है। सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आने वाला है।