गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को डिजिटल इंडिया सप्ताह का शुभारंभ किया गया। प्राचार्य प्रो. सविता भारद्वाज ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सुदृढ़ एवं पारदर्शी शासन में डिजिटलीकरण की भूमिका को रेखांकित किया। छात्राओं से आह्वान किया कि वह समावेशी विकास के लिए सरकार के इस महायज्ञ में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान दें।
कार्यशाला के उद्घाटन तकनीकी वक्ता डॉ. बीएन पांडेय ने बताया की डिजिटल इंडिया की शुरुआत राजीव गांधी के सपने के साथ 1984 में ही हो गई थी जिसे 1990 के बाद तेजी से गति मिली और विभिन्न राज्य सरकारों ने जिला स्तर तक सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए डिजिटल प्रारूप का सहारा लिया। भूगर्भ वैज्ञानिक डॉ. सत्येंद्र सिंह ने कक्षा में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर शिक्षण कैसे किया जाए, इसको प्रशिक्षण द्वारा हिमालय की उत्पत्ति और उसके वर्गीकरण के उदाहरण से प्राध्यापकों एवं छात्राओं के सामने रखा। कार्यशाला के संयोजक डॉ. संतन कुमार राम ने बताया कि डिजिटल इंडिया की इस साप्ताहिक कार्यशाला में छात्राओं को ईमेल एकाउंट बनाना, उसका उपयोग करना, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरना, ऑनलाइन परीक्षा की तैयारी करना तथा उसके लिए जरूरी प्रशिक्षण प्रदान करना, विभिन्न वेबसाइटों से पठन पाठन सामग्री प्राप्त करना, कर्मचारियों को कार्यालय कार्य में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर डॉ. विकास सिंह, डॉ. शिवकुमार, डॉ. संगीता मौर्य, डॉ. पूजा सिंह, डॉ. शैलेंद्र यादव, डॉ. सारिका सिंह, डॉ. एखलाक खान आदि प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।