गाजीपुर। साक्षरता दिवस के अवसर पर राजकीय हाईस्कूल सौरी में एक गोष्ठी का आयोजन शनिवार को किया गया। इसमें साक्षरता दर की वृद्धि दर पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य राम अवतार यादव ने कहा कि जिले में बालिा शिक्षा के विभिन्न कार्यक्रम चलने से महिला साक्षरता दर में संतोषजनक वृद्धि हुई है। आज महिलाओं की साक्षरता दर 60.30 हो गई है।
उन्होंने कहा कि जिले में बालिकाओं की शिक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय बालिका शिक्षा कार्यक्रम और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हो रहे हैं। यह महिला साक्षरता दर बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो रहे हैं। अन्य वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल साक्षरता दर 71.78 प्रतिशत है। इसमें 82.80 प्रतिशत पुरुष और 60.30 प्रतिशत महिला साक्षर है। जिले में सबसे अधिक साक्षरता 74.97 फीसदी भदौरा ब्लाक की है जबकि सबसे कम साक्षरता दर 68.09 फीसदी बाराचवर ब्लाक की है। जनगणना के अनुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्र की कुल साक्षरता दर 71.06 फीसदी है। इसमें पुरुष की साक्षरता दर 82.45 और महिलाओं की साक्षरता दर 59.24 फीसदी है। नगरीय क्षेत्र की कुल साक्षरता 80.34 प्रतिशत है जबकि पुरुष की दर 86.81 और महिला की दर 73.27 फीसदी है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने साक्षरता से संबंधित गीत और झाकियां प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में शिक्षक प्यारेलाल कनौजिया, पंकज कुमार और विरेंद्र कुमार ने विचार व्यक्त किया। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रज्ञा रेंजर दल की ओर से विश्व साक्षरता दिवस पर एक परिचर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर रेंजर की छात्राओं ने कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर करने का संकल्प लिया। स्कूल न जाने वाले बच्चों को स्कूल में जाने के लिए प्रेरित करने के लिए कार्य करने की दृढ़ इच्छा व्यक्त की। महाविद्यालय की शिक्षा शास्त्र विभाग की प्रभारी डॉ. पूजा सिंह ने छात्राओं को इस दिवस की सार्थकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। लघु परिचर्चा का संयोजन रेंजर प्रभारी डॉ शिव कुमार ने किया। इस अवसर परशिवांगी गोंड, शिखा यादव, अंजली कुशवाहा, ज्योति, नगमा परवीन, आराध्या तिवारी, श्रेयांशी सिंह, फ़िजा रिजवी, पूजा श्रीवास्तव, निधि शर्मा आदि छात्राएं उपस्थित रहीं।