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डीएम से मिलकर पत्रक सौंपेंगे कटान पीड़ित

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करंडा(गाजीपुर)। बड़हरिया, रफीपुर और दीनापुर गांव के कटान पीड़ितों की बैठक बुधवार को बड़हरिया गांव में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि जल्द ही स्वाभिमान संगठन के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जिलाधिकारी के बालाजी से मिल कर प्रतिनिधि मंडल पत्रक सौंपा जाएगा। मांग किया जाएगा कि जलपोतों को गंगा के बीच धारा से निकाला जाए। क्योंकि किनारे से गुजरने से कटान का खतरा और बढ़ रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि गंगा का जलस्तर घटने से कटान प्रभावित गांवों के लोगों में कटान न होने से थोड़ी राहत है, लेकिन गंगा में चलने वाले जलपोतों के गांवों के किनारे से ही चलने से लोगों में आक्रोश है। कहा कि जबसे जलपोत किनारे से चलने लगे, तभी से कटान प्रारंभ हुई है। जलपोत जिस मार्ग से चलते हैं, वहां पानी की गहराई सबसे अधिक हो जाती है और बाढ़ के समय वही गहराई मुख्य धारा बनने के कारण कटान का मुख्य कारण बन जाती है। यदि जलपोत गंगा की बीच धारा से चलते तो कटान का प्रभाव इतना अधिक नहीं होगा और किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि गंगा में समाने से बच जाती। किसानों ने आरोप लगाते हुए कटान रोकने के नाम पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि वर्षों से आश्वासन की घुट्टी पिलाते चले आ रहे हैं। उनकी तरफ से कटान को रोकने का कोई ठोस उपाय नहीं किया जा रहा है, जिससे हर वर्ष गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने पर किसानों को अपनी भूमि से हाथ धोना पड़ रहा है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल्द से जल्द स्वाभिमान संगठन के जिलाध्यक्ष डा. देवेश सिंह के नेतृत्व में कटान पीड़ित जिलाधिकारी से मिलेंगे। उन्हें पत्रक सौंप यह मांग करेंगे तो जलपोतों को गंगा की बीच धारा से गुजारा जाए, जिससे किनारे पर कटान न हो। बैठक में रामअवतार, रमापति, राजनरायन, तेजनरायन, सुखराम, कमला, बहादुर, सुजीत, भानुप्रताप, पिंटू, हरिदयाल, मनीष, उमेश, कप्तान, प्रमोद, विकास, राजू, गोविंद आदि कटान पीड़ित उपस्थित थे।
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