गाजीपुर। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों का संचालन बिना रेडियोलॉजिस्ट के करने की शिकायत पर लखनऊ से आई पांच सदस्यीय टीम ने एडीएम रमेश यादव के नेतृत्व में गुरुवार को तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी की। इस दौरान रेडियोलॉजिस्ट ने नहीं मिलने पर दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सीज कर दिया गया।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 58 अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच करने का निर्देश शासन ने पांच सदस्यीय टीम को गठित कर दिया था। लखनऊ से आई पांच सदस्यीय टीम में शामिल जेएडी डॉ. वीरेंद्र सिंह, जेएडी डॉ. अजय गुप्ता, वाराणसी मंडल के एसीएमओ डॉ. पीपी गुप्ता, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बालचंद्र और सहजानंद डीएम के पास पहुंचे। डीएम के बालाजी ने पांच सदस्यीय टीम के साथ अतिरिक्त एसडीएम रमेश यादव और नोडल अधिकारी डॉ. आरके सिन्हा को अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। जांच टीम सबसे पहले कोतवाली के सामने स्थित भारत अल्ट्रासाउंड केंद्र और पापुलर अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंची। औचक छापेमारी करने की जानकारी मिलते ही अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों में हड़कंप मच गया। इस दौरान रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिलने पर टीम ने भारत अल्ट्रासाउंड केंद्र को सीज कर दिया। इसके बाद निदान अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापेमारी कर जांच की। जांच के दौरान इसे भी टीम के सदस्यों द्वारा सीज कर दिया गया। इस संबंध में नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि टीम द्वारा दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सीज की कार्रवाई कर रिपोर्ट डीएम और शासन को भेज दी गई है। सीज किए गए अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन को नोटिस भेजकर साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।