कासिमाबाद। अमर उजाला में पिछले दिनों प्रकाशित खबर रंग लाई। तहसील कर्मचारियों के लिए बन रहे आवास की गुणवत्ता की जांच करने के लिए गठित की गई टीम शनिवार को तहसकील में पहुंचकर गुणवत्ता की जांच की। गठित टीम का नेतृत्व करते हुए उपजिलाधिकारी कासिमाबाद भगवानदीन के नेतृत्व में निर्माण स्थल का दौरा किया और निर्माण करा रहे कर्मियों को बुलाकर पूछताछ किया। आवश्यक जानकारियां लेते हुए सोमवार तक जिला अधिकारी को जांच रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया। संबंधित ठेकेदार से अभिलेख नक्शा आदि की मांग किया।
मालूम हो कि तहसील कर्मियों के लिए बन रहे आवास में लाल बालू की जगह सफेद बालू के प्रयोग के साथ निर्माण कार्य में धांधली की शिकायत की खबर अमर उजाला ने बीते 12 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के बाला जी ने जांच टीम गठित कर शनिवार को जांच कर सोमवार तक रिपोर्ट मांगी है। आदेश का अनुपालन करते हुए पहुंचे टीम में शामिल उपजिलाधिकारी सहित पीएमजेसवाई के अधिशासी अभियंता सुनील सागर और अधिशासी अभियंता लघुडाल संजीव सिंह ने निर्माण में प्रयोग की जा रही हर सामग्री का बारीकी से जांच किया तथा निर्माण विधि को भी देखा-समझा। गठित टीम द्वारा काम करा रहे कर्मियों से शासन द्वारा जारी नक्शा के साथ ठेकेदार और विभागीय कर्मचारी की जानकारी मांगी। मौके पर न तो ठेकेदार मिला और न ही कोई विभागीय कर्मचारी। जांच करने के बाद निर्माण काम को बंद करने का आदेश देकर जांच टीम वहां से रवाना हुई। जांच टीम के अचानक आने से निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार में हड़कंप मच गया है। मालूम हो कि इससे पूर्व उपजिलाधिकारी कासिमाबाद भगवानदीन ने तहसील कर्मचारियों के लिए बन रहे आवास में हो रही धांधली की शिकायत मिलने के बाद निर्माण कार्य करा रहें ठेकेदार को फटकार लगाई थी और शिकायत जिले को भेजी थी।