खनिज की तलाश में करीब 15 दिनों से पेट्रोलियम मंत्रालय की टीम थाना क्षेत्र के करीब दस गांवों के खेतों में जाकर जगह-जगह करीब 80 से 90 फीट की बोरिंग करके छोड़ दे रहे हैं। इसके चलते किसानों की खेतों में लगी फसल बर्बाद हो रही है। बावजूद टीम को खनिज संबंधित कोई कामयाबी अभी तक नहीं मिली है। इधर किसान मुुआवजे की मांग कर रहे हैं।
पेट्रोल मंत्रालय से खनिज की खोज के लिए आई टीम तालवल, करकापुर, हसनापुर, सादतपुर सहित दस गांवों में बोरिंग करने के बाद जब कुछ नहीं मिल पा रहा है तो उसी तरह छोड़कर चले जा रहे है। इसके चलते फसलों की काफी क्षति हो रही है। इस मामले में किसानों का कहना है कि अधिकारी, लेखपाल और प्रधान के आश्वासन के बाद भी खेतों में गड्ढा नहीं खोदने दिया जाएगा। इस संबंध में पेट्रोल मंत्रालय की टीम में शामिल संतोष कुमार मोर्य और अन्नाराम ने बताया कि मंत्रालय की तरफ से जिले में खनिज खोज के लिए जगह-जगह टीम पहुंची है। किसानों की आपत्तियों को देखते हुए क्लेम फार्म दिया जा रहा है। इसमें किसानों का आधार कार्ड, पैन कार्ड लिया जा रहा है। किसानों को चेक द्वारा उनके नुकसान फसलों की मुआवजा दिया जाएगा।