गाजीपुर। जिले में तीन नगरपालिका परिषदों एवं पांच नगर पंचायत के चुनाव परिणामों से भाजपा के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है वहीं विधानसभा चुनाव के समय आनन-फानन में बसपा में शामिल हुए अंसारी बंधु आठ में से चार निकायों में बसपा को विजय दिलाकर अपनी राजनीतिक पकड़ को साबित करने में सफल रहे हैं। इस चुनाव में सपा और कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी है।
निकाय चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर मैदान में उतरी भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं ने बड़ी सफलता के लिए जमकर पसीना बहाया। गाजीपुर में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा के अलावा संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने पूरे जिले के विभिन्न निकायों में चुनावी नुक्कड़ सभाएं कर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। इसके अलावा सांसद भरत सिंह, विधायक डा. संगीता बलवंत, विधायक सुनीता सिंह, विधायक अलका राय, एमएलसी विशाल सिंह चंचल के अलावा प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने भी चुनाव प्रचार किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्रनाथ का गृह जिला होने के बावजूद निकायों के चुनाव परिणाम से भाजपा को करारा झटका लगा है। भाजपा दो निकायों नगरपालिका परिषद गाजीपुर एवं नगर पंचायत सादात में जीत हासिल कर अपनी सीट पर कब्जा बरकरार रखने में सफल रही है। भाजपा के बड़े नेताओं के पसीना बहाने से जिले के एक भी निकाय में उसे बढ़त नहीं मिल पाई। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी बसपा ने अंसारी बंधुओं का साथ पा जाने से जिले की 8 निकायों में से 4 नगर पालिका परिषद मुहम्मदाबाद, जमानिया एवं नगर पंचायत बहादुरगंज और सैदपुर में विजय दर्ज कर अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज की है। उधर सपा एवं कांग्रेस जिले में पूरी तरह विफल रही है।