मरदह (गाजीपुर)। मरदह-कासिमाबाद मार्ग पर कई दिनों से लगे पानी को लेकर ग्रामीणों और दूकानदारों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। उन्होंने पानी में धान की रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौक पर ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो वह विकास खंड मुख्यालय पर आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे।
धान की रोपाई करने वाले ग्रामीणों और दूकानदारों का कहना था कि गांव में एक वर्ष से एक भी सफाई कर्मी की तैनाती नहीं है। इसका परिणाम यह है कि चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साफ-सफाई के अभाव में नालियां जाम होकर बजबजा रही है। पानी निकासी अवरुद्ध होने से गंदा पानी सड़क पर बहने के साथ लोगों के घरों के सामने लग रहा है। मजबूरी वश लोगों को गंदे पानी के बीच से आने-जाने को विवश होना पड़ रहा है। पानी से दुर्गंध आने से एक तरफ जहां संक्रामक बीमारियों भय सता रहा है, वहीं मच्छरों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। पानी के अंदर मौजूद गड्ढों की वजह से आए दिन खासकर अंजान लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। बारिश होने पर स्थिति और भी नारकीय हो जा रही है। सड़क पूरी तरह से तालाब के रूप में नजर आने लग रही है। बार-बार ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बाद भी सफाई कर्मियों की तैनाती नहीं की जा रही है। लोगों ने चेतावनी दिया कि अगर समय रहते गांव में सफाई कर्मियों की तैनाती नहीं की गई तो वह विकासखंड मुख्यालय पर आंदोलन तेज करने को विवश होंगे। धान की रोपाई करने वालों में जितेंद्र बर्नवाल, कृपाशंकर बर्नवाल, नंदलाल गुप्ता, विनय वर्मा, मोनू, गुड्डू, आसिफ अहमद, बबलू मद्धेशिया, श्रीकांत, हीरालाल, हमीद अहमद, भोला वर्मा, कमलेश, कन्हैया, बंटी राजभर आदि शामिल थे। इस संबंध में ग्राम प्रधान उमरावती सिंह ने बताया कि गांव में सफाई कर्मियों की तैनाती के लिए संबंधित विभाग को लिखित अवगत कराया गया है।