कासिमाबाद। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि एवं जिलाध्यक्ष भासपा सहित एक अन्य द्वारा पैमाइश में अवरोध उत्पन्न करने तथा राजस्व कर्मी के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने के मामले में अभी तक पुलिस की तरफ से किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस तीन दिनों से मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना ही कर रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला अधिकारी ने चकबंदी के कानूनगो, लेखपाल और सहायक चकबंदी अधिकारी की टीम गठित कर बरेसर थाना क्षेत्र के सहज रामपुर गांव के चक संख्या 127 के प्रस्तावित गाटा संख्या 91 की पैमाइश करने का निर्देश दिया था। निर्देश मिलने के बाद सहायक चकबंदी अधिकारी राममिलन यादव, कानूनगो बालचंद एवं लेखपाल प्रदीप कुमार ने बीते 17 जून को मौके पर पहुंचकर जैसे ही पैमाइश शुरू की। मौके पर मौजूद कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि रामजी राजभर एवं उसके भाई राजनेत राजभर ने चकबंदी कर्ता कानूनगो बालचंद से विवाद शुरू करने के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद पीड़ित कानूनगो ने इसकी जानकारी लिखित रुप से थाना पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई न करते हुए तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज नहीं किया। जिला प्रशासन के दबाव को देखते हुए पुलिस ने घटना के तीसरे दिन पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की विवेचना करने में लगी हुई है। पीड़ित कानूनगो ने बताया कि उच्चाधिकारियों पर भरोसा है निश्चित रूप से न्याय मिलेगा। उधर इस संबंध में क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद जनार्दन दूबे ने बताया कि मामले की विवेचना चल रही है इसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।